MP News : उर्दू के विद्यार्थियों के लिए खुशखबरी, 90% से अधिक अंक लाने वालों को मिलेगा नगद पुरस्कार, 30 सितम्बर तक जमा होंगे दस्तावेज

MP News : उर्दू के विद्यार्थियों के लिए खुशखबरी, 90% से अधिक अंक लाने वालों को मिलेगा नगद पुरस्कार, 30 सितम्बर तक जमा होंगे दस्तावेज

MP News : उर्दू विषय लेकर पढ़ाई करने वाले मेधावी छात्र छात्राओं को सरकार ने पुरस्कृत करने का फैसला लिया है, शासन के निर्णय के मुताबिक 90% से अधिक अंक लाने वाले कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को नगद पुरस्कार दिया जायेगा,  पुरुस्कार के लिए 30 सितम्बर, 2023 तक स्टूडेंट्स को दस्तावेज जमा करने होंगे।

90% से अधिक अंक लाने वाले 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को मिलेगा नगद पुरस्कार

उर्दू अकादमी ने प्रदेश के हाई स्कूल, हायर सेकेण्ड्री और उर्दू अकादमी की उर्दू कक्षा के विद्यार्थियों को उर्दू में अधिक अंक प्राप्त कर उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देने का निर्णय लिया है। उत्तीर्ण छात्र और छात्राएं जिन्होंने 2023 की परीक्षा में सम्मिलित हो कर उर्दू विषय में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किये है उन्हें पुरुस्कृत किया जायेगा।

प्रथम पुरस्कार के रूप में मिलेगी 2000 रुपये की नगद राशि 

सभी पात्र मेधावी विद्यार्थियों में से सबसे अधिक अंक प्राप्त करने वाले को प्रथम पुरस्कार 2 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 1 हजार 500 रुपये दिए जायेंगे। शेष सभी को तृतीय पुरस्कार के रूप में 1 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही प्रमाण-पत्र भी प्रदान किये जायेंगे।

30 सितंबर 2023 तक जमा करने होंगे आवश्यक दस्तावेज

अकादमी ने प्रदेश के सभी विद्यार्थियो से कहा है कि उर्दू कक्षा, हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्ड्री स्कूल की परीक्षा में उर्दू विषय में अधिक अंक प्राप्त करके उत्तीर्ण हुऐ छात्र-छात्रायें अपनी सत्यापित अंक सूची, बैंक पास बुक के प्रथम पृष्ठ की छाया प्रति, मोबाईल नं० एवं पूरा पता 30 सितम्बर, 2023 तक मध्य प्रदेश उर्दू अकादमी संस्कृति विभाग के कार्यालय, मुल्ला रमूजी संस्कृति भवन, बाणगंगा रोड, भोपाल को भेजें, अन्य जानकारी के लिए अकादमी के फोन नं0 0755-2551691 पर संपर्क किया जा सकती है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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