MP News : सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए परिवहन विभाग की नई पहल, मंत्री ने जारी किए निर्देश

गोविंद सिंह राजपूत

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। प्रदेश में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के परिवहन विभाग एक और प्रभावी पहल करने जा रहा है। बिना मानक गुणवत्ता के रिफ्लेक्टर टेप (परावर्ती पट्टिकाओं) वाले कमर्शियल वाहनों को अब फिटनेस सर्टिफिकेट जारी नहीं किया जाएगा। परिवहन एवं राजस्व मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया कि इस संबंध में समस्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किये गये है। रात में या सर्दियों के मौसम में कोहरे के समय सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण दूर खडे़ या दूर से आ रहे वाहन का नहीं दिखाई पड़ना होता है। ऐसे में दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

इस बड़ी तैयारी में शिवराज सरकार, विभाग के कर्मचारियों और सदस्यों को मिलेगा लाभ 

परिवहन मंत्री ने बताया कि वाहनों पर लगाई जाने वाली रिफ्लेक्टर टेप एआईएस मापदण्डों के अनुरूप होना चाहिए। इस संबंध में एसओपी जारी कर इस प्रक्रिया को पूर्णत: कम्प्यूटीकृत किया जा रहा है। वाहन निर्माताओं के अधिकृत डीलरों द्वारा वाहन पर लगाये गए रिफ्लेक्टर टेप का सर्टिफिकेट पोर्टल के माध्यम से ही जनरेट होकर प्रिंट हो सकेगा। सर्टिफिकेट पर वाहन पर लगाये गए रिफ्लेक्टर टेप की विस्तृत जानकारी जैसे लंबाई, चौड़ाई, रंग, टेप का निर्माण वर्ष, कोड, निर्माता का नाम तथा वाहन की जानकारी जैसे वाहन पंजीयन क्रमांक, चेचिस नम्बर, इंजन नम्बर, वाहन श्रेणी, वाहन की बॉडी का प्रकार आदि अंकित रहेगा।

वहीं परिवहन आयुक्त मुकेश जैन ने बताया कि रिफ्लेक्टर टेप प्रमाण-पत्र पोर्टल पर हमेशा उपलब्ध रहेंगा, जिसका सत्यापन किसी भी समय किया जा सकता है। सर्टिफिकेट पर क्यूआर कोड भी अंकित रहेगा, जिसे स्कैन कर सत्यापित किया जा सकता है। वाहन का फिटनेस प्रमाण-पत्र जारी करने के पूर्व सम्बधित आरटीओ को पोर्टल के माध्यम से रिफ्लेक्टर टेप/रियर मार्किंग प्लेट फिक्सेशन सर्टिफिकेट की जाँच करना अनिवार्य होगा। इसके उपरांत ही फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किया जा सकेगा। वाहन जाँच के समय प्रर्वतन अमला/पुलिस सर्टिफिकेट पर अंकित क्यूआर कोड और पोर्टल के माध्यम से सर्टिफिकेट की जाँच कर सर्टिफिकेट की सत्यता जाँच कर सकेंगे। इस प्रक्रिया से किसी भी वाहन पर अमानक स्तर के रिफ्लेक्टर, रिफ्लेक्टर टेप, रियर मार्किंग प्लेट लगाया जाना संभव नहीं होगा, जिससे निश्चित रूप से वाहन दुर्घटनाओं में कमी आएगी।

Shruty Kushwaha
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Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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