MP Politics: नारायण पटेल के इस्तीफे से लक्ष्मण दुखी, बोले-कांग्रेस-कमलनाथ करे चिंतन

MP Politics: नारायण पटेल के इस्तीफे से लक्ष्मण दुखी, बोले-कांग्रेस-कमलनाथ करे चिंतन

भोपाल।
एमपी (MP) में भले ही उपचुनावों (BY Election) की तारीखों का ऐलान नही हुआ है लेकिन एक के बाद एक कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे के बाद जमकर सियासत गर्माई हुई है। हाल ही में हुए विधायक नारायण पटेल (Narayan Patel) के इस्तीफे के बाद कांग्रेस में जमकर घमासान मचा हुआ है। एक तरफ जहां पूर्व मुख्यमंत्री और पीसीसी चीफ कमलनाथ ने विधायकों की खरोद-फरोख्त को लेकर पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी है, वही लगातार कांग्रेस नेताओं द्वारा कमलनाथ को चिंतन करने की नसीहत दी जा रही है।

दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय के भाई और कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक लक्ष्मण सिंह ने ट्वीट करनारायण पटेल के कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में जाने पर दुख जताया है। और ऐसा क्यो हुआ इसके लिए कांग्रेस और कमलनाथ से चिंतन करने को कहा है। लक्ष्मण सिंह ने ट्वीट कर लिखा है कि नारायण पटेल जैसे “मृदुभाषी,कर्मठ”साथी विधायक का पार्टी छोड़ कर जाने पर बहुत दुख हुआ।यह तो किसी गुट के नहीं थे,फिर क्यों गए? कांग्रेस और कमलनाथ चिंतन करें।यह पहला मौका नही है जब उन्होंने अपनी ही पार्टी को लेकर बयान दिया हो।हाल ही में मिर्ची बाबा को लेकर लक्ष्मण सिंह ने ट्वीट किया था और कहा था कि मिर्ची” बाबा पुनः कांग्रेस का प्रचार कर रहे हैं,पिछले लोक सभा चुनाव में “मिर्ची”यज्ञ के परिणाम हम देख चुके हैं। कांग्रेस और कमलनाथ कृपया सतर्क रहें।

इससे पहले जब नेपानगर से विधायक रही सुमित्रा देवी ने इस्तीफा दिया था तब पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार ने पार्टी और संगठन को मजबूत करने की बात कही थी।उन्होंने ट्वीटर पर लिखा था कि आज का वक्त खुद को नेता बनाने का नहीं, पार्टी और संगठन को मजबूत करने का वक्त है।वही हाल ही में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक गोविंद सिंह तक ने संगठन पर सवाल खड़े कर दिए थे और अपनापन और प्यार ना मिलने पर विधायकों के इस्तीफे की बात कही थी।इधर कांग्रेस के दिग्गज नेता कपिल सिब्बल भी विधायकों के इस्तीफे को लेकर सवाल खड़े कर चुके है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews