MP में बिजली दरों में बढ़ोतरी के खिलाफ जीतू पटवारी ने सीएम डॉ. मोहन यादव को लिखा पत्र, कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार से ये फैसला वापस लेने की मांग की हैं। उन्होंने कहा कि महंगाई पहले से चरम पर है। खाद्य, ईंधन और शिक्षा जैसी आवश्यक चीजें लगातार महंगी होती जा रही हैं। ऐसे में बिजली दरों में बढ़ोतरी आम जनता पर दोहरी मार है।
MP Congress Jitu Patwari

Jitu Patwari

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर मध्यप्रदेश में बिजली दरों में प्रस्तावित 4.80 प्रतिशत बढ़ोतरी पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने इसे आम जनता की जेब पर सीधा हमला और सरकारी वसूली का मॉडल करार दिया। उन्होंने कहा कि “बिजली जीवन की मूल आवश्यकता है, कोई विलासिता नहीं। आपकी सरकार इसे राजस्व का साधन बना रही है, जबकि इसे जन सेवा का माध्यम होना चाहिए।

कांग्रेस नेता ने कहा है कि आपकी सरकार यह बताने में असफल रही है कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी कि पहले से महंगाई से जूझ रही जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। इसी के साथ उन्होंने मांग की है कि 1 अप्रैल से लागू की जाने वाली नई दरें तत्काल वापस ली जाएं। उन्होंने कहा कि यदि यह फैसला वापस नहीं लिया गया तो मध्यप्रदेश कांग्रेस सड़कों से लेकर सदन तक इस निर्णय के खिलाफ निर्णायक आंदोलन करेगी।

मध्यप्रदेश में बिजली महंगी होगी

बता दें कि मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग (MPERC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों में औसतन 4.80 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी और विभिन्न स्लैब में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी की गई है जिससे उपभोक्ताओं के बिजली बिल में इजाफा होगा। हालांकि कुछ राहत भी दी गई है। 150 यूनिट तक की खपत पर सब्सिडी जारी रहेगी। LT4 श्रेणी के कम आय वाले घरेलू उपभोक्ताओं और LT9 श्रेणी के मेट्रो रेल के लिए बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। यह फैसला आम घरेलू उपभोक्ताओं, छोटे उद्योगों, व्यापारियों और किसानों को सीधे प्रभावित करेगा

जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

बिजली कंपनियां बढ़ती खरीद लागत और घाटे को कम करने का हवाला दे रही हैं, जबकि कांग्रेस इसे जनविरोधी कदम बता रही है। इसे लेकर जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि महंगाई से पहले ही जूझ रही जनता पर यह अतिरिक्त बोझ अनुचित है। उन्होंने कहा है

कि पिछले एक दशक में मध्य प्रदेश में बिजली दरों में 22-24 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। घरेलू उपभोक्ताओं के 0-50 यूनिट स्लैब में दर 3.65 रुपये से बढ़कर 4.45 रुपये हो गई है, जो 20 प्रतिशत से अधिक इजाफा है। इसके अलावा हर महीने फ्यूल प्राइस एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (FPPAS) के नाम पर 3 प्रतिशत से ज्यादा अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है।

सरकार से किए सवाल

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि बिजली कंपनियों के घाटे का हवाला देकर उनकी जवाबदेही क्यों नहीं तय की जाती? हर साल घाटा दिखाकर जनता से वसूली क्यों की जाती है? क्या गलत प्रबंधन और भ्रष्टाचार का बोझ आम उपभोक्ता पर डाला जा रहा है? उन्होंने यह भी कहा कि क्या गरीब, किसान और मध्यम वर्ग सिर्फ बिल भरने के लिए रह गए हैं।उन्होंने ईवी चार्जिंग पर दी गई दिन में 20 प्रतिशत छूट को नीतिगत दिखावा बताया क्योंकि राज्य में ईवी वाहनों की संख्या अभी बहुत सीमित है और आम उपभोक्ताओं को इसका कोई सीधा लाभ नहीं मिल रहा है।

चार मांगें रखी, आंदोलन की चेतावनी

जीतू पटवारी ने सरकार के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं। उन्होंने कहा है कि 4.80 प्रतिशत बिजली दर वृद्धि तुरंत वापस ली जाए, FPPAS जैसे अतिरिक्त शुल्कों की पारदर्शी समीक्षा की जाए, बिजली कंपनियों के घाटे की स्वतंत्र जांच कराई जाए और गरीब व मध्यम वर्ग के लिए विशेष राहत पैकेज घोषित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह फैसला वापस नहीं लिया गया तो मध्यप्रदेश कांग्रेस सड़कों से लेकर विधानसभा तक निर्णायक आंदोलन करेगी।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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