मध्यप्रदेश में वित्तीय वर्ष 2026-27 में राजस्व संग्रहण की रफ्तार सकारात्मक बनी हुई है। चालू वित्तीय वर्ष के शुरुआती 6 महीनों में राजस्व संग्रहण में 11.37% की वृद्धि हुई है। वाणिज्यिक कर, आबकारी और पंजीयन-मुद्रांक विभागों ने 6 महीने के लक्ष्य का 94.25% हासिल किया है।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से सितंबर तक इन तीनों विभागों ने कुल 44,711 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। यह निर्धारित लक्ष्य 47,439 करोड़ रुपये का 94.25 प्रतिशत है। इसमें वाणिज्यिक कर विभाग ने 28,385 करोड़ रुपये, आबकारी विभाग ने 9,769 करोड़ रुपये तथा पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग ने 6,557 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। खास बात ये है कि अभी वित्तीय वर्ष समाप्ति में 6 महीने बचे हैं।
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अप्रैल 2026 में तीनों विभागों ने संयुक्त रूप से 7,411 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 7,938 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया, जो लक्ष्य का 107.11% है। पिछले वर्ष की तुलना में 35.74% की वृद्धि हुई। सितंबर 2026 में भी तीनों विभागों ने 6,936 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 6,676 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। यह लक्ष्य का 96.25 % है। पिछले वर्ष सितंबर की तुलना में इस माह राजस्व संग्रहण 12.89% अधिक रहा। पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में प्राप्त 40,147 करोड़ रुपये की तुलना में इस बार राजस्व संग्रहण 44,711 करोड़ हुआ है, जिससे गत वर्ष की तुलना में 11.37% की वृद्धि दर्ज की गई है।
किस विभाग ने कितना राजस्व अर्जित किया
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, वाणिज्यिक कर विभाग ने सबसे ज्यादा राजस्व हासिल किया है। विभाग ने अप्रैल से सितंबर तक 30,686 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 28,385 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया, जो यह लक्ष्य का 92.50% है। पिछले वर्ष की समान अवधि में विभाग ने 26,052 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। इस प्रकार विभाग के राजस्व में 8.96% की वृद्धि हुई है।
आबकारी विभाग ने 9,900 करोड़ रुपये के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 9,769 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। यह लक्ष्य का 98.68% है। पिछले वर्ष की समान अवधि में प्राप्त 8,295 करोड़ रुपये की तुलना में राजस्व संग्रहण में 17.77% की वृद्धि हुई है। तीनों विभागों में आबकारी विभाग लक्ष्य प्राप्ति के सबसे करीब रहा।
पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग ने अप्रैल से सितंबर तक 6,853 करोड़ रुपये के लक्ष्य के विरुद्ध 6,557 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया। यह निर्धारित लक्ष्य का 95.68% है। पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में विभाग ने 5,800 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया था। इस बार इसमें 13.06% की वृद्धि दर्ज हुई है।
एक नजर में आंकड़े
- वाणिज्यिक कर विभाग: 30,686 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 28,385 करोड़ की वसूली (92.50%), पिछले साल से 8.96% की बढ़त।
- आबकारी विभाग: 9,900 करोड़ के लक्ष्य पर 9,769 करोड़ की वसूली (98.68%), लक्ष्य के सबसे करीब, पिछले साल से 17.77% ज्यादा।
- पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग: 6,853 करोड़ के लक्ष्य पर 6,557 करोड़ की वसूली (95.68%), पिछले साल से 13.06% की वृद्धि।
