MP में छह साल में 35,169 बीज नमूने अमानक, जीतू पटवारी ने सरकार से किए सवाल

बीज की गुणवत्ता खराब होने पर नुकसान सिर्फ बीज खरीदने तक सीमित नहीं रहता। अगर बीज से सही अंकुरित नहीं होता तो किसान की बोवनी से लेकर खाद, सिंचाई और दूसरी तैयारियों पर किया गया खर्च भी प्रभावित होता है। कांग्रेस बीज की गुणवत्ता की जांच के साथ जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और किसानों की शिकायतों के समाधान की मांग कर रही है।
Jitu Patwari PC

Jitu Patwari

मध्यप्रदेश में बीज की गुणवत्ता को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि छह साल में 35,169 बीज नमूने अमानक पाए गए। उन्होंने कहा कि इनमें सरकारी संस्थाओं के 16,380 नमूने शामिल हैं, जबकि 48 निजी कंपनियों के बीज बार-बार जांच में अमानक पाए गए।

कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि किसान की मेहनत और फसल के भविष्य के साथ यह लापरवाही कब तक होती रहेगी। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में किसानों के हित में जिम्मेदारी और कार्रवाई तय क्यों नहीं की जा रही है।

जीतू पटवारी ने सरकार से किए सवाल

मध्यप्रदेश में अच्छी फसल की उम्मीद के साथ किसान बाजार से बीज खरीदकर बोवनी करते हैं। परेशानी तब सामने आती है जब बोवनी के बाद पता चलता है कि खरीदा गया बीज निर्धारित गुणवत्ता पर खरा नहीं उतरा। बीज की गुणवत्ता से जुड़ा ऐसा ही मामला अब राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि वर्ष 2020-21 से 2025-26 के बीच छह साल में 35,169 बीज नमूने अमानक पाए गए। उन्होंने कहा कि इनमें सरकारी संस्थाओं के 16,380 नमूने भी शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 48 निजी कंपनियों के बीज बार-बार अमानक पाए गए, इसके बावजूद सख्त कार्रवाई नहीं हुई।

कांग्रेस नेता ने सवाल किया है कि किसानों की मेहनत और उनकी फसल के भविष्य से जुड़े इस मामले में जवाबदेही कब तय होगी। उन्होंने सरकार से यह भी पूछा कि अमानक बीज मिलने के बाद संबंधित कंपनियों और संस्थाओं के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई।

विधानसभा में भी उठ चुका है मामला

बीज की गुणवत्ता और अमानक बीज की बिक्री का मुद्दा मध्यप्रदेश विधानसभा में भी उठ चुका है। 24 फरवरी 2026 को कांग्रेस विधायक हेमंत सत्यदेव कटारे ने सरकार से बीज और खाद के नमूनों, उनकी जांच तथा अमानक पाए गए नमूनों से संबंधित कार्रवाई की जानकारी मांगी थी। विधानसभा के आधिकारिक जवाब में सरकार ने बताया था कि 33 जिलों की जानकारी उपलब्ध है, जबकि 19 जिलों से जानकारी एकत्रित की जा रही थी। अमानक बीज से संबंधित उत्पादक कंपनियों के नाम और उन पर की गई कार्रवाई का विवरण भी परिशिष्ट में दिए जाने की बात कही गई थी।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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