
स्कूल शिक्षा केंद्र द्वारा शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के अंतर्गत सत्र 2026–27 के लिए मध्य प्रदेश के निजी स्कूलों में निःशुल्क प्रवेश के लिए 2 अप्रैल 2026 को ऑनलाइन लॉटरी निकाली गई। इसमें एक लाख 6 हजार 051 बच्चों को उनकी पसंद के निजी स्कूलों में ही प्रवेश दिया गया। इनमें से 91 हजार 543 बच्चों को उनके द्वारा चयनित प्रथम वरीयता वाले स्कूलों में ही प्रवेश मिला। इन बच्चों की फीस राज्य सरकार द्वारा नियमानुसार सीधे स्कूल के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की जाएगी।
आवंटित सीट की जानकारी, आवेदक को उसके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर, एसएमएस के माध्यम से प्रदान की जायेगी। ऑनलाइन लॉटरी की सूची आरटीई पोर्टल पर भी उपलब्ध रहेगी। किसी आवेदक को आवेदन करने में कोई दिक्कत हो या उन स्कूलों की जानकारी चाहिए हों, जहां सीटें खाली हैं, तो आरटीई पोर्टल अथवा सर्व शिक्षा अभियान के ज़िला परियोजना कार्यालय अथवा विकासखण्ड स्रोत केन्द्र या जनशिक्षा केन्द्र कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है।
15 अप्रैल तक ले सकेंगे प्रवेश
राज्य शिक्षा केन्द्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने बताया कि आरटीई के अंतर्गत इस वर्ष लॉटरी के लिए दस्तावेज सत्यापन के उपरांत 1 लाख 78 हज़ार 714 बच्चे पात्र हुए थे। जिनमें से 1 लाख 6 हजार 051 बच्चों को उनके द्वारा चयनित स्कूलों का आवंटन किया गया है। इनमें से 54 हजार 746 बालक एवं 51 हजार 305 बालिकाएं हैं, जिन्हे 2 अप्रैल को ऑनलाइन लॉटरी में शामिल करते हुए रेंड़म पद्वति से स्कूल का आवंटन किया गया है। जिन बच्चों को स्कूल का आवंटन हुआ है, उन्हें उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर SMS के माध्यम से भी सूचना दी जा रही है। बच्चे आवंटित स्कूलों में 3 अप्रैल से 15 अप्रैल तक जाकर प्रवेश ले सकेंगे।
किस आधार पर हुआ स्कूलों का आवंटन
- ऑनलाइन लॉटरी में विभिन्न प्राइवेट स्कूलों की नर्सरी कक्षा में 66 हजार 219, केजी-1 में 31 हज़ार 970 और कक्षा पहली में 07 हज़ार 862 बच्चों को नि:शुल्क प्रवेश के लिए सीटों का आवंटन हुआ है।
- इनमें से 91 हजार 543 बच्चों को उनकी प्रथम वरीयता (फर्स्ट चॉइस) के स्कूलों का, 7 हजार 496 को द्वितीय वरीयता के स्कूलों का, 03 हजार 580 को तृतीय वरीयता के स्कूलों का, 01 हजार 245 को चतुर्थ वरीयता, 874 को 5वीं वरीयता , 501 को 6वीं वरीयता, 315 को 7वीं वरीयता , 221 को 8वीं वरीयता, 160 को 9वीं वरीयता और 116 को उनकी 10वीं वरीयता के स्कूलों का आवंटन हुआ है।
शेष बच्चों को दूसरे चरण में मिलेगा मौका
- शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 12(1)(C) के अंतर्गत, गैर अनुदान प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में, वंचित समूह एवं कमजोर वर्ग के बच्चों को कक्षा-1 या प्री-स्कूल की प्रथम प्रवेशित कक्षा में न्यूनतम 25% सीटों पर निःशुल्क प्रवेश का प्रावधान है।
- इस वर्ष दस्तावेज सत्यापन उपरांत ऑनलाइन लॉटरी के लिए लगभग 1 लाख 78 हज़ार 714 बच्चे ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया के लिए पात्र हुए हैं। ऑनलाइन लॉटरी द्वारा चयनित बच्चों को 22 हज़ार निजी विद्यालयों की 1 लाख 22 हज़ार 551 सीटों पर प्रवेश मिलेगा। 2 अप्रैल को निकाली गई लॉटरी में 1 लाख 6 हजार 051 बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश दिया गया।
- प्रथम चरण की लॉटरी में जिन बच्चों को किसी भी स्कूल में सीट आवंटन नही हुआ है उन्हें शासन द्वारा स्कूलवार रिक्त रहीं सीटों पर प्रवेश के लिए द्वितीय अवसर प्रदान किया जायेगा। इसके लिए द्वितीय चरण के आवेदन प्रारंभ होने पर वे आवेदक जिन्होंने प्रथम चरण में आवेदन किया हुआ है पोर्टल पर प्रदर्शित स्कूलों में रिक्त सीट्स के अनुसार अपनी वरीयता की प्रविष्टि कर सकेंगे।
शिक्षा का अधिकार कानून के तहत मध्यप्रदेश में 1 लाख 6 हजार 51 बच्चों को मिला निजी स्कूलों में निःशुल्क प्रवेश
संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र श्री हरजिंदर सिंह ने क्लिक किया ऑनलाइन लॉटरी का बटन@JansamparkMP#RightToEducation pic.twitter.com/v9u4d1o87A
— School Education Department, MP (@schooledump) April 2, 2026
12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

