मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज मंगलवार 16 दिसंबर 2025 को संबल योजना के तहत अनुग्रह सहायता के 7227 प्रकरणों में 160 करोड़ रुपये की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से वितरित की। उन्होंने कहा श्रमवीरों की मेहनत से ही विकास की मजबूत नींव रखी जाती है। उनके कल्याण के लिए राज्य सरकार ने ‘श्रमणा’ पहल शुरू की है और नए श्रम कानूनों को प्राथमिकता से लागू किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने अनुग्रह सहायता राशि अंतरित कर्ते हुये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुये कहा कि उन्होंने श्रमिकों के लिए 5 लाख रुपये तक आयुष्मान बीमा को इस योजना में जोड़ा है। गर्भवती बहनों को काम पर न जाना पड़े, इसके लिए 16,000 रुपये की आर्थिक राशि देने का भी प्लान है।
वास्तविक अर्थों में योजना श्रमिकों का संबल: सीएम
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि संबल योजना प्रदेश में असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। इसमें श्रमिक को जन्म से लेकर मृत्यु तक आर्थिक सहायता प्राप्त होती है वास्तविक अर्थों में यह श्रमिकों का संबल है। उन्होंने कहा मध्य प्रदेश की यह योजना देश के सभी राज्यों के लिए अनुकरणीय है।
7383 करोड़ से अधिक की राशि दे चुकी सरकार
बता दें आज जारी की गई राशि से पहले तक प्रदेश सरकार 7 लाख 76 हजार से अधिक प्रकरणों में 7 हजार 383 करोड़ से अधिक की राशि दे चुकी है। प्रदेश सरकार द्वारा यह 1 अप्रैल 2018 से शुरु की गई संबल योजना में अब तक 1 करोड़ 83 लाख श्रमिकों का पंजीयन किया गया है। पंजीयन प्रक्रिया निरंतर जारी रहती है।
एक नजर संबल योजना पर
– ये असंगठित क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के लिए संबल योजना एक महत्वपूर्ण योजना है।
– योजना के तहत अनुग्रह सहायता योजना के अंतर्गत दुघर्टना में मृत्यु होने पर 4 लाख रुपये एवं सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये परिजन को दिये जाते हैं।
– दुर्घटना में स्थायी अपंगता पर 2 लाख रुपये एवं आंशिक स्थायी अपंगता पर 01 लाख रुपये तथा अंत्येष्टि सहायता के रूप में 5 हजार रुपये दिये जाते हैं।
– संबल योजना के अंतर्गत महिला श्रमिक को प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रुपये दिये जाते हैं।
– श्रमिकों के बच्चों को महाविद्यालय शिक्षा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत उच्च शिक्षा में शिक्षा के लिए सम्पूर्ण शिक्षण शुल्क राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है।
गिग वर्कर्स को भी संबल योजना लाभ
भारत सरकार के नीति आयोग की पहल पर प्रदेश के गिग एवं प्लेटफार्म वर्कर्स को भी संबल योजना के अंतर्गत शामिल किया गया है और इनका पंजीयन प्रारम्भ किया गया है। इन्हें भी संबल योजना के अंतर्गत समस्त लाभ प्रदान किये जा रहे हैं। संबल हितग्राहियों को खाद्यान्न पात्रता पर्ची भी प्राप्त होती है जिससे वे केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा रियायती दरों पर राशन प्राप्त कर रहे हैं।






