रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) ने अप्रैल के महीने में कई बैंकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। प्राइवेट सेक्टर के बंधन बैंक समेत कई सहकारी बैंकों पर मौद्रिक जुर्माना लगाया गया है। एक बैंक पर प्रतिबंध भी लगाया गया है। वहीं पेटीएम पेमेंट्स बैंक समेत तीन बैंकों को हमेशा के लिए बंद करने का फैसला आरबीआई ने लिया। लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। जिसके बाद बैंकिंग व्यावसायिक जारी रखने की अनुमति नहीं है।
आरबीआई ने 24 अप्रैल से ही पेटीएम पेमेंट्स बैंक को सभी बैंकिंग व्यवसाय पर रोक लगाने और लाइसेंस रद्द करने का आदेश जारी किया है। इसे पहले भी 11 मार्च 2022 से नए कस्टमर को जोड़ने जोड़ना बंद करने का निर्देश दिया गया था। वहीं 31 जनवरी 24 से लेकर 26 फरवरी 2024 को बैंक पर कुछ बिजनेस पाबंदी अभी लगाई गई थी। हालांकि इसके पास इतनी लिक्विडिटी है कि बैंक बंद होने के बाद अपनी पूरी जमा देनदारी चुका सके।
इन बैंकों का लाइसेंस भी रद्द
10 अप्रैल से प्रतापगढ़ में स्थित नेशनल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड बंद हो चुका है। इसका लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। शिरपुर मर्चेंट्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। इस बैंक को 6 अप्रैल से बैंकिंग बिजनेस करने की अनुमति नहीं है। इन दोनों बैंकों के पास पर्याप्त पूंजी और और कमाई की कोई भी संभावनाएं नहीं थी।
इस बैंक पर प्रतिबंध लगा
जालना में स्थित मोतीराम अग्रवाल जालना मर्चेंट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसे भी 10 अप्रैल से बैंकिंग बिजनेस बंद करने का आदेश दिया गया है। हालांकि अब तक लाइसेंस रद्द नहीं किया गया है। यह आदेश 6 महीने तक की अवधि के लिए लागू रहेगा। इस दौरान बैंक के स्थिति की समीक्षा भी की जाएगी। इस दौरान ग्राहकों खाते से कोई भी पैसे निकालने की अनुमति नहीं होगी।
इन बैंकों पर आरबीआई ने लगाया जुर्माना
- जनकल्याण सहकारी बैंक लिमिटेड, मुंबई
- बंधन बैंक लिमिटेड
- डॉ बाबासाहेब आंबेडकर नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड, औरंगाबाद , महाराष्ट्र
- हरदोई जिला सहकारी बैंक लिमिटेड, उत्तर प्रदेश
- द हिमाचल प्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, हिमाचल प्रदेश
- डॉ पंजाबराव देशमुख अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ,अमरावती, महाराष्ट्र






