भोपाल। मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद चयनित उम्मीदवारों को अब तक नियुक्ति पत्र नहीं मिले हैं। महीनों के इंतजार से हताश हो चुके अभ्यर्थियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है और उन्होंने अब अपनी मांगों को लेकर आंदोलन की राह पकड़ने का फैसला किया है। चयनित शिक्षक 30 तारीख को भोपाल स्थित लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) कार्यालय पहुंचकर अपनी नियुक्ति की मांग करेंगे।
लंबे समय से जॉइनिंग का इंतजार कर रहे इन उम्मीदवारों का कहना है कि वे गंभीर आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी नियुक्ति में हो रही लगातार देरी पर अधिकारियों की चुप्पी ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है।
आर्थिक संकट और भविष्य की चिंता
चयनित अभ्यर्थियों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि इस सरकारी नौकरी पर भरोसा करके कई लोगों ने अपने पुराने रोजगार तक छोड़ दिए थे। लेकिन अब नियुक्ति पत्र जारी न होने से उनके सामने रोजमर्रा के खर्चों का संकट खड़ा हो गया है। उनका कहना है कि यह केवल एक नौकरी का सवाल नहीं, बल्कि उनके सम्मान और सरकार पर भरोसे का भी विषय है।
उम्मीदवारों के अनुसार, जब चयन की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी हो चुकी है, तो जॉइनिंग में देरी का कोई ठोस कारण समझ से परे है। इसे उन्होंने सरकारी लापरवाही करार दिया है।
सरकार से न्याय की मांग
अपनी मांगों को लेकर चयनित शिक्षकों ने एक स्पष्ट रणनीति बनाई है। वे 30 तारीख को भोपाल में एकजुट होकर DPI कार्यालय जाएंगे और अधिकारियों को अपनी स्थिति से अवगत कराते हुए आवेदन देंगे। उन्होंने आम लोगों और जनप्रतिनिधियों से भी इस मुद्दे को सरकार तक पहुंचाने में मदद की अपील की है।
“हम कोई टकराव नहीं चाहते, हम केवल अपने अधिकार की मांग कर रहे हैं। जब चयन हो चुका है, तो हमें नियुक्ति दी जानी चाहिए।” — एक चयनित अभ्यर्थी
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि सरकार जल्द से जल्द जॉइनिंग लेटर जारी करे और उनके भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को रोके। फिलहाल, इस मामले पर विभाग की ओर से कोई स्पष्टीकरण नहीं आने से हजारों चयनित शिक्षकों का इंतजार और लंबा होता जा रहा है।





