MP में 600 करोड़ के ट्रेजरी घोटाले का आरोप, कमलनाथ ने सरकार से की सख्त कार्रवाई की मांग

प्रदेश में सरकारी भुगतान व्यवस्था को लेकर सामने आई रिपोर्ट ने निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में पूर्व चेतावनियों के बावजूद कथित वित्तीय अनियमितताएं जारी रहने का दावा किया गया है। अब इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस प्रदेश सरकार पर हमलावर है।
Kamal Nath

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मध्यप्रदेश की ट्रेजरी व्यवस्था में लगभग 600 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय गड़बड़ी सामने आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की भाजपा सरकार बार-बार यह साबित कर रही है कि वह शासन चलाने में पूरी तरह अयोग्य है।

उन्होंने कहा कि सरकारी खजाने में जाने वाली बड़ी रकम कर्मचारियों, उनके परिजनों और परिचितों के खातों में पहुंच जाना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार का मामला है। कांग्रेस नेता ने मांग की कि इस विषय में सख्त कार्रवाई की जाए और सरकारी पैसा मय ब्याज के वसूलकर और भ्रष्टाचारियों पर भारी जुर्माना लगाया जाए।

क्या है मामला

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रेजरी से होने वाले सरकारी भुगतानों में करीब 600 करोड़ रुपये की गड़बड़ी सामने आई है। जांच में पाया गया कि कर्मचारियों ने सरकारी राशि अपने, पत्नी, रिश्तेदारों और दोस्तों के बैंक खातों में ट्रांसफर की। कुछ मामलों में कर्मचारियों के वेतन-भत्तों में भी बिना मंजूरी अतिरिक्त राशि डालकर भुगतान किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, जांच में 199 संदिग्ध ट्रांजेक्शन मिले जिनके जरिए करीब 305 करोड़ रुपये अधिकारियों-कर्मचारियों से जुड़े निजी बैंक खातों में पहुंचाए गए। वहीं करीब 293 करोड़ रुपये नियमों के मुताबिक पर्सनल डिपॉजिट यानी पीडी खातों में रखे जाने के बजाय दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए।

कमलनाथ ने की कार्रवाई की मांग

इस मुद्दे को लेकर कमलनाथ ने सरकार को घेरा है। उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस तरह 600 करोड़ रुपये की रकम सरकारी खजाने में जाने के बजाय कर्मचारियों और उनके परिजनों के खातों में डाल दी गई, उससे साफ है कि अधिकारी-कर्मचारियों को सरकार का बिल्कुल भय नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घोटाला पिछले तीन साल से चल रहा है।

उन्होंने कहा कि 160 करोड़ रुपये की गड़बड़ी सामने आने के बाद ट्रेजरी कमिश्नर ने डीजीपी को आगाह भी किया था, लेकिन इसके बावजूद घोटाला रुकने के बजाय कई गुना बढ़ गया। कमलनाथ ने सवाल उठाया कि जब इतनी बड़ी वित्तीय अनियमितता की जानकारी सरकार के जिम्मेदार अधिकारियों को पहले ही हो गई थी, तो उसे रोकने के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए। कांग्रेस नेता ने मांग की है कि इस पूरे मामले में सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी धन की ब्याज सहित वसूली की जानी चाहिए और भ्रष्टाचार करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाना चाहिए।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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