MP में बेरोजगारी को लेकर जीतू पटवारी ने सीएम डॉ. मोहन यादव को लिखा पत्र, शिक्षित बेरोजगारी पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग

उन्होंने सरकार से तीन प्रमुख सवाल पूछे। कांग्रेस नेता ने कहा कि क्या मध्यप्रदेश में डिग्री लेना अब बेरोजगारी का लाइसेंस बन गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार लगातार उद्योग, निवेश और रोजगार बढ़ने के दावे कर रही है, तो शिक्षित बेरोजगारों की संख्या तेजी से क्यों बढ़ रही है।
Jitu Patwari

Jitu Patwari

मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर प्रदेश में बेरोजगारी की स्थिति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार और निवेश के दावों के जरिए भ्रम पैदा कर रही है, जबकि प्रदेश के लाखों युवा रोजगार के इंतजार में हैं।

पत्र में उन्होंने लिखा कि “आपकी सरकार आंकड़ों से भ्रम पैदा कर सकती है, किंतु मप्र के युवा झूठे आंकड़ों से भविष्य नहीं बना सकते। उन्हें नौकरी चाहिए, सम्मान चाहिए और विश्वास भी चाहिए।” उन्होंने सरकार से शिक्षित बेरोजगारी पर श्वेत पत्र जारी करने सहित कई मांगें की है।

जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को उनकी ही सरकार के आंकड़ों का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल ने विधानसभा में स्वीकार किया है कि इस साल 30 जून तक रोजगार पोर्टल पर 17 लाख 71 हजार 132 युवा रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2025 में पंजीकृत ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट बेरोजगारों की संख्या 6,17,231 थी, जो इस साल जून तक बढ़कर 7,29,708 हो गई। उनके अनुसार छह महीनों में 1,12,477 शिक्षित बेरोजगार बढ़ना सरकार के रोजगार दावों पर सवाल खड़ा करता है।

सरकार से किए तीन सवाल

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से तीन प्रमुख सवाल पूछते हुए कहा है कि क्या मध्यप्रदेश में डिग्री लेना बेरोजगारी का लाइसेंस बन गया है, यदि निवेश और उद्योग आ रहे हैं तो शिक्षित बेरोजगारों की संख्या लगातार क्यों बढ़ रही है, और क्या रोजगार सिर्फ सरकारी विज्ञापनों और घोषणाओं तक सीमित रह गए हैं। उन्होंने पत्र में यह भी कहा कि सरकार के जवाब के अनुसार रीवा, सागर, जबलपुर, सतना और छिंदवाड़ा सबसे अधिक पंजीकृत बेरोजगारों वाले जिलों में शामिल हैं। उनका कहना है कि जिन जिलों का प्रतिनिधित्व सरकार के प्रभावशाली मंत्री करते हैं, वहां भी युवाओं को रोजगार नहीं मिल पा रहा है।

श्वेत पत्र जारी करने सहित की ये मांगें

जीतू पटवारी ने पिछले साल फरवरी में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का हवाला देते हुए सरकार से पूछा कि निवेश समझौतों के बाद अब तक प्रदेश के कितने युवाओं को स्थायी रोजगार मिला। इसके अलावा उन्होंने नियमित सरकारी भर्तियों, रिक्त पदों, आउटसोर्सिंग और संविदा नियुक्तियों तथा जिला स्तर पर रोजगार ऑडिट कराने जैसे मुद्दों पर भी जवाब मांगा। पत्र के अंत में कांग्रेस नेता ने सरकार से शिक्षित बेरोजगारी पर श्वेत पत्र जारी करने, सभी विभागों के रिक्त और भरे पदों का सार्वजनिक ब्योरा देने, निवेश से सृजित रोजगार का जिला-वार आंकड़ा जारी करने, समयबद्ध भर्ती कैलेंडर लागू करने और रोजगार के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
Follow Us :GoogleNews