भोपाल में वक्फ संपत्ति पर अवैध कब्जे का मामला, शहीद अलीम और साथियों पर FIR दर्ज, 28.91 करोड़ की RRC जारी

भोपाल में वक्फ संपत्ति पर अवैध रूप से इज्तेमा बाजार संचालित किया जा रहा है। संचालकों ने वर्षों ने कोई हिसाब नहीं दिया है। कई पर FIR दर्ज की गई है। 28 करोड़ रुपये से अधिक के रिकवरी के लिए आदेश जारी किए गए हैं।
MP Waqf board

वक्त संपत्तियों पर अवैध कब्जे के खिलाफ मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में बड़ी कार्रवाई की है। बोर्ड का कहना है कि भोपाल में अवैध तरीके से इज्तेमा बाजार संचालित किया जा रहा है। इस मामले में शाहजहानाबाद पुलिस स्टेशन में शाहिद अलीम और अन्य साथियों पर FIR दर्ज की गई है। 28 करोड़ 91 लाख रुपये की रिकवरी के लिए RRC भी जारी किया गया है।

वक्फ बोर्ड का कहना है कि भोपाल शहर में 2.7 एकड़ की संपत्ति सम्पत्ति वैधानिक रूप से वक्फ बोर्ड के नाम दर्ज है। इस संपत्ति के आंशिक भाग पर दारुल शफकत सोसाइटी नाम का NGO संचालित होता है। लेकिन एनजीओ के संचालकों ने पूरी वक्फ संपत्ति पर कब्जा करके इज्तेमा  बाजार का संचालन किया। और करोड़ों रुपये की कमाई की। राजस्व का इस्तेमाल खुद के लिए किया है। बोर्ड का आरोप है कि इन दुकानों से करोड़ों रुपये की अवैध वसूली की गई।

उम्मीद पोर्टल से हुआ गड़बड़ियों का खुलासा 

नए कानून लागू होने के बाद केंद्र सरकार द्वारा उम्मीद पोर्टल लॉन्च किया गया था। इसपर 14591 वक्फ संपत्तियां दर्ज हैं। प्लेटफॉर्म के जरिए ही इस गड़बड़ी का खुलासा हुआ। बोर्ड का कहना है कि गलत तरीके से शासकीय संपत्ति पर मालिकाना हक जताकर वर्षों से किराए पर दुकानें बेची जा रही थी। संचालकों ने पिछले 20 सालों ने संपत्ति को लेकर कोई हिसाब तक नहीं दिया।

वक्फ बोर्ड ने संपति को बताया मालिकाना हक

एमपी वक्फ बोर्ड ने संपति को मालिकाना हक बताया है। बोर्ड का कहना है कि वक्फ संपत्ति से कमाए गए पैसों का इस्तेमाल करके एनजीओ के संचालकों ने अन्य संपत्तियों को भी खरीदा, इसपर भी वक्फ बोर्ड का मालिकाना अधिकार माना जाएगा। वहीं इज्तेमा बाजार लोकप्रिय है और अब इसका संचालन भी कानून के मुताबिक व्यवस्थित तरीके से किया जाएगा। भोपाल कलेक्टर की मदद से पैसे की रिकवरी की जाएगी। राजस्व का इस्तेमाल यतीम बच्चों की शिक्षा, निकाह इत्यादि के लिए किया जाएगा।

Manisha Kumari Pandey
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