MP में गहराया जल संकट: उमंग सिंघार ने बीजेपी को घेरा, कहा “मध्यप्रदेश में डबल इंजन नहीं, डबल धोखे की सरकार चल रही है”

उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई नगरीय निकायों में ट्यूबवेल सूखने से हालात गंभीर हो गए हैं और लाखों लोग पानी की किल्लत झेल रहे हैं। कांग्रेस नेता ने ‘हर घर जल’ योजना की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार के दावे और प्रचार सिर्फ विज्ञापनों तक सीमित हैं और जमीनी असलियत कुछ और है।
Umang Singhar

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मध्यप्रदेश में गहराते जल संकट को लेकर उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 200 नगरीय निकायों में ट्यूबवेल सूखने से पेयजल संकट गहराता जा रहा है, लेकिन बीजेपी अभी भी योजनाओं, विज्ञापनों और झूठे दावों में व्यस्त है।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रदेश के करीब 50 लाख लोग जल संकट से जूझ रहे हैं। भोपाल, इंदौर, सागर, छतरपुर, सतना, पन्ना, मुरैना और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में हालात बेहद गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि ‘हर घर जल’ का दावा करने वाली सरकार की असलियत अब साफ दिख रही है।

जल संकट को लेकर सरकार को घेरा

उमंग सिंघार ने ‘हर घर जल’ योजना पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कई जगहों पर पाइपलाइन अधूरी पड़ी हैं तो कहीं जलाशय और टंकियां सिर्फ शोपीस बनकर रह गई हैं। उन्होंने कहा कि इस भीषण गर्मी में महिलाएं और बच्चियां कई किलोमीटर दूर से सिर पर पानी ढोने को मजबूर हैं। इंदौर शहर का खासतौर पर उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वहां भाजपा के दो कैबिनेट मंत्री, नौ विधायक, एक सांसद और एक महापौर होने के बावजूद जनता बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पहले जहरीले पानी से 36 लोगों की मौत हो चुकी थी और अब साफ पीने के पानी के लिए लोगों को संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब प्रचार-प्रसार पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा सकते हैं तो लोगों तक पीने का पानी क्यों नहीं पहुंच पा रहा? उन्होंने कहा यह ‘डबल इंजन’ नहीं, बल्कि ‘डबल धोखे’ की सरकार है।

मध्यप्रदेश के कई शहरों में पानी की समस्या 

बता दें कि इस समय मध्यप्रदेश के कई प्रमुख शहरों में जल संकट गंभीर रूप ले चुका है। इंदौर में सबसे खराब स्थिति है जहां नगर निगम के 6500 सरकारी बोरवेलों में से आधे से अधिक सूख चुके हैं और कई इलाकों में लोग पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। राजधानी भोपाल को जल-अभाव क्षेत्र घोषित कर दिया गया है और नए ट्यूबवेल खोदने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। सागर, छतरपुर, सतना, पन्ना, मुरैना और ग्वालियर-चंबल संभाग के कई क्षेत्रों में भी भूजल स्तर तेजी से गिर रहा है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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