अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय मौसम प्रणालियों के असर से मध्य प्रदेश में अगले तीन-चार दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है। गुरुवार, 6 अगस्त को 9 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, वहीं अन्य में रिमझिम का दौर बना रहेगा।
मौसम विभाग की माने तो मानसून ट्रफ, पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण तंत्र के कारण लगातार नमी मिल रही है, जिससे बारिश की गतिविधियों में तेजी बनी हुई है। इसका ज्यादा असर उत्तर और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में देखने को मिल रहा है।
गुरुवार को 9 जिलों में भारी का अलर्ट
- मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल की दैनिक रिपोर्ट के मुताबिक, आज ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और दमोह में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। यहां बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है।
- भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल और ग्वालियर संभाग के अधिकांश जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के आसार हैं।
अगले 3 दिन इन जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर
भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, सागर, दमोह, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, उमरिया, रीवा, सतना, मैहर और पांढुर्णा में अगले दो-तीन दिन हल्की से मध्यम बारिश होती रहेगी।
MP में सामान्य से 19% पानी गिरा, 43 जिलों की स्थिति कमजोर
- 1 जून से 5 अगस्त 2026 के बीच मध्य प्रदेश में अब तक औसत से करीब 19 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
- अब तक औसतन 16.3 इंच ( 413.3 मिमी) बारिश हुई है जबकी इस अवधि में 19.5 इंच (507.2 मिमी) बारिश होनी चाहिए थी। पूर्वी मध्य प्रदेश औसत से 22% और पश्चिमी मध्य प्रदेश औसत से 15% कम पानी गिरा है।
- प्रदेश के 55 में से 49 जिलों में सामान्य से कम पानी गिरा है। भोपाल, जबलपुर, सागर, शहडोल, रीवा और नर्मदापुरम संभाग की स्थिति बेहद कमजोर बनी हुई है। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग के कुछ जिलों की स्थिति थोड़ी ठीक है।
- अगर बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में सामान्य से 7%, इंदौर में 2%, उज्जैन में 14% और जबलपुर में 29% कम बारिश हुई है लेकिन ग्वालियर में 7% से अधिक हुई है।









