विदिशा में पुलिस द्वारा वरिष्ठ नागरिकों की पारिवारिक और सामाजिक समस्याओं का समाधान करने के लिए समय समय पर सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत आयोजित की जाती है। एक बार फिर पुलिस कंट्रोल रूम में यही नजारा देखने को मिला। जब पारिवारिक विवाद, भरण पोषण और बेटे की उपेक्षा से जुड़े अलग-अलग मामलों की सुनवाई की गई।
पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका तिवारी के मार्गदर्शन में यह पुलिस पंचायत आयोजित की गई थी। इसका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं त्वरित और संवेदनशील तरीके से समाधान करना था।
सीनियर सिटीजन के लिए पुलिस पंचायत
पुलिस पंचायत के दौरान कोर कमेटी की ओर से सामने आई शिकायतों में दोनों पक्षों को सुनने के बाद समझाइश देकर समाधान का प्रयास किया गया। जिन मामलों में सहमति नहीं बन सकी उन्हें वैधानिक प्रक्रिया के लिए आगे भेजा गया। इस कोर कमेटी में डॉ सचिन गर्ग, आर के कुलश्रेष्ठ, डी के बाजपेयी, अजय टंडन, विनोद शाह, पार्थ पितलिया, प्रमोद शाह मौजूद रहे। सभी मामलों में दोनों पक्षों की बात सुनकर समाधान निकालने की कोशिश की गई।
#सीनियर_सिटिजन_पुलिस_पंचायत में वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुना गया। पुत्र द्वारा उपेक्षा एवं भरण-पोषण विवाद सहित 4 प्रकरणों पर सुनवाई करते हुए संवाद, समझाइश एवं वैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से समाधान की दिशा में प्रभावी पहल की गई। #MPPolice #VidishaPolice pic.twitter.com/rgC9plKk91
— @SP_VIDISHA_MP (@sp_vidisha) August 5, 2026
शिकायतों पर दी गई समझाइश
पंचायत के दौरान एक मामला गंजबासौदा के वरिष्ठ नागरिक का सामने आया। जिन्होंने अपने बेटे के दुर्व्यवहार की शिकायत दर्ज कराई थी। जब दोनों पक्षों को सुना गया उसके बाद यह सामने आया कि संवाद की कमी इस विवाद की वजह है। ऐसे में समझाइश देने के बाद आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के लिए जरूरी निर्देश दिए।
दूसरा मामला भरण पोषण विवाद का था। जिसमें विदिशा की एक महिला ने पति की मृत्यु के बाद ससुराल पक्ष द्वारा भरण पोषण बंद किए जाने की शिकायत की थी। पंचायत ने दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने का प्रयास किया लेकिन कोई हल नहीं निकला। ऐसे में मामला कानूनी कार्रवाई के लिए विधिक सेवा वालंटियर को सौंपा गया।
पंचायत में दो अन्य प्रकरण भी सामने आए। जिनमें से एक में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं कुछ मामलों में संबंधित पक्षों और गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सुनवाई की अगली तारीख दी गई है।
क्या है पुलिस पंचायत का उद्वेश्य
विदिशा पुलिस द्वारा चलाई जा रही इस पंचायत का उद्वेश्य वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द और संवेदनशील तरीके से करना है। पंचायत के दौरान इस बात पर जोर दिया जाता है कि समाधान बातचीत और आपसी सहमति से निकाला जा सके, ताकि वरिष्ठ नागरिकों को किसी तरह की लंबी कानूनी प्रक्रिया का सामना न करना पड़े।






