मध्य प्रदेश के भिंड जिले में एक सहायक सचिव के अपहरण और मारपीट का मामला सामने आया है। दरअसल पीड़ित का आरोप है कि पैसों के लेनदेन को लेकर उन्हें बुलाकर अगवा किया गया और करीब 13 घंटे तक बंधक बनाकर अलग-अलग जगहों पर ले जाकर मारपीट की गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दरअसल पीड़ित विनोद सिंह राजावत मछंड सेवा सहकारी संस्था में सहायक सचिव हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि ग्राम रुरई निवासी अजीत सिंह चौहान से पिछले करीब एक साल से पैसों का लेनदेन चल रहा था। उनके मुताबिक कुछ दिन पहले उन्होंने अजीत सिंह को 5 लाख रुपये का हिसाब चुकता कर दिया था। इसके बाद मंगलवार को बाकी हिसाब करने और पिता से मुलाकात कराने के बहाने उन्हें लहार बुलाया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वहां पहुंचते ही उनके साथ मारपीट शुरू कर दी गई और फिर उन्हें जबरन कार में बैठाकर अलग-अलग इलाकों में घुमाया गया।
बेसबॉल बैट और पाइप से मारपीट
वहीं पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने कार में बैठाने के बाद बेसबॉल बैट, प्लास्टिक पाइप, लात-घूंसों और थप्पड़ों से लगातार मारपीट की। इस दौरान उनके हाथ, पैर, पीठ और सिर पर गंभीर चोटें आईं। उनका आरोप है कि मारपीट के दौरान वह बेहोश हो गए थे। होश आने के बाद आरोपियों ने पिस्टल दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और तीन चेक, पांच कोरे कागज तथा 200-200 रुपये के दो स्टाम्प पेपर पर जबरन हस्ताक्षर करा लिए। शिकायत में यह भी कहा गया है कि घटना की जानकारी किसी को देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। पीड़ित के मुताबिक देर रात तक उन्हें आरोपियों के कब्जे में रखा गया। रात करीब 11 बजे उनके परिजन मौके पर पहुंचे, जिसके बाद वह आरोपियों के चंगुल से बाहर निकल सके।
कई धाराओं में केस दर्ज
दरअसल घटना के बाद लहार पुलिस ने पीड़ित का मेडिकल परीक्षण कराया। पुलिस के अनुसार मेडिकल रिपोर्ट में शरीर के कई हिस्सों पर चोट, लाल-नीले निशान और दाहिने हाथ के पंजे में सूजन की पुष्टि हुई है। विनोद सिंह राजावत की शिकायत पर अजीत सिंह चौहान, वीर प्रताप सिंह उर्फ वीरू, पवन गुप्ता, अभिनंदन सिंह और अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने अपहरण, बंधक बनाकर मारपीट, जान से मारने की धमकी देने और जबरन चेक, कोरे कागज तथा स्टाम्प पेपर पर हस्ताक्षर कराने सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। साथ ही आरोपियों की तलाश और उनकी भूमिका की जांच भी की जा रही है






