आईसीसी ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप क्वालीफायर की तारीखों का एलान कर दिया है। दरअसल यह टूर्नामेंट 22 फरवरी से 23 मार्च 2027 तक खेला जाएगा। हालांकि, अभी तक मेजबानी किस देश को मिलेगी, इसकी घोषणा नहीं हुई है। इस बार क्वालीफायर में 10 टीमें हिस्सा लेंगी और विजेता टीम सीधे 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करेगी।
दरअसल 2027 वनडे वर्ल्ड कप क्वालीफायर इस बार नए फॉर्मेट के साथ खेला जाएगा। वहीं रिपोर्ट के मुताबिक, टूर्नामेंट में शामिल 10 टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिलेगी। सबसे बड़ी बात यह है कि केवल विजेता टीम को सीधे वर्ल्ड कप का टिकट मिलेगा। वहीं दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों की उम्मीदें भी खत्म नहीं होंगी। इन तीनों टीमों के बीच बाद में एक सुपर-सीरीज खेली जाएगी, जिसका विजेता 2027 वनडे वर्ल्ड कप की अंतिम 12 टीमों में अपनी जगह बनाएगा। इस बदलाव के बाद आखिरी तक मुकाबले बेहद अहम बने रहेंगे।
किन टीमों को मिलेगा मौका?
दरअसल 2027 वनडे वर्ल्ड कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में 4 अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 तक खेला जाएगा। क्वालीफायर में शामिल होने वाली टीमों का चयन तय नियमों के आधार पर होगा। 30 सितंबर 2026 तक जारी होने वाली आईसीसी वनडे रैंकिंग में दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे को छोड़कर सबसे नीचे रहने वाली दो फुल मेंबर टीमें क्वालीफायर खेलेंगी। इसके अलावा आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग-2 की शीर्ष चार टीमें और वर्ल्ड कप क्वालीफायर प्लेऑफ की शीर्ष चार टीमें भी इस टूर्नामेंट में जगह बनाएंगी। इस तरह कुल 10 टीमें वर्ल्ड कप में जगह बनाने के लिए मुकाबला करेंगी। अभी तक क्वालीफायर के आयोजन स्थल की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
क्वालीफिकेशन सिस्टम में प्लेऑफ की भी अहम भूमिका
वहीं वर्ल्ड कप क्वालीफायर से पहले क्वालीफायर प्लेऑफ भी खेला जाएगा। इसमें लीग-2 की सबसे निचली चार टीमें और चैलेंज लीग से आने वाली चार टीमें हिस्सा लेंगी। इन आठ टीमों में से शीर्ष चार टीमें मुख्य क्वालीफायर में पहुंचेंगी। इस पूरी प्रक्रिया के चलते हर मैच का महत्व बढ़ जाएगा। फिलहाल वनडे रैंकिंग में कई टीमें अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में हैं। 30 सितंबर 2026 की कट-ऑफ तारीख से पहले रैंकिंग में बदलाव सीधे क्वालीफायर की तस्वीर बदल सकते हैं। वेस्टइंडीज जैसी टीमों के लिए आने वाले वनडे मुकाबले काफी अहम होंगे, क्योंकि उनकी अंतिम स्थिति तय करेगी कि उन्हें सीधे वर्ल्ड कप में जगह मिलेगी या क्वालीफायर के रास्ते आगे बढ़ना होगा। पूरे क्वालीफिकेशन सिस्टम को इस बार इस तरह तैयार किया गया है कि हर स्तर पर टीमों को प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ने का मौका मिले।






