उमंग सिंघार ने गेहूं खरीदी व्यवस्था को लेकर सरकार पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि खरीदी शुरू होने के पहले दिन ही पूरी व्यवस्था धराशायी हो गई और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि कहीं स्लॉट नहीं मिल रहे, कहीं पोर्टल काम नहीं कर रहा, तो कहीं तौल तक नहीं हो रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हर साल यही अव्यवस्था और लापरवाही की स्थिति नज़र आती है। उन्होंने पूछा कि किसानों को परेशान करने की ये नीति कब तक चलेगी? इसी के साथ उन्होंने कहा कि जब तक एक-एक दाना खरीदा जाए यह सुनिश्चित नहीं होता, तब तक कांग्रेस पार्टी किसानों की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ती रहेगी।
गेंहू खरीदी में अव्यवस्थाओं का आरोप
उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी व्यवस्था की शुरुआत के पहले ही दिन सिस्टम फेल होने का आरोप लगाते हुए सरकार पर निशाना साधा है। मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से उन्होंने कहा कि खरीदी प्रक्रिया शुरू होते ही कई संभागों में तकनीकी खामियों के कारण पूरी व्यवस्था बाधित हो गई, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में सर्वर डाउन रहने और पोर्टल के ठीक से काम नहीं करने की वजह से स्लॉट बुकिंग प्रभावित हुई। कई स्थानों पर किसानों को घंटों इंतज़ार करना पड़ा लेकिन खरीदी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि कुछ केंद्रों पर स्लॉट बुकिंग पूरी तरह ठप रही जबकि कई जगह तौल और पंजीयन की प्रक्रिया भी समय पर शुरू नहीं हो पाई। इससे किसानों में नाराज़गी देखी गई और उन्हें बार-बार खरीदी केंद्रों के चक्कर लगाने पड़े।
“कांग्रेस किसानों की लड़ाई मजबूती से लड़ेगी”
उमंग सिंघार ने आरोप लगाया है कि इन अव्यवस्थाओं के चलते किसानों को प्रति क्विंटल लगभग 400 रुपये तक का नुकसान झेलना पड़ रहा है और कई किसान सिस्टम की गड़बड़ी के कारण डिफॉल्टर बनने की कगार पर पहुंच गए हैं। नेता प्रतिपक्ष ने इसे सरकार की तैयारियों में गंभीर चूक बताते हुए कहा कि हर साल इसी तरह की समस्याएं सामने आती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर बिलकुल सुधार नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक हर किसान का एक-एक दाना एमएसपी पर खरीद नहीं लिया जाता, कांग्रेस उनकी लड़ाई जारी रखेगी।






