
MP Wheat Procurement : मध्य प्रदेश के किसानों के लिए अच्छी खबर है। 1 अप्रैल से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी शुरू हो चुकी है, जो 15 मई तक चलेगी। मप्र सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 2125 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है। किसानों को खरीदी के लिए SMS नहीं भेजा जाएगा। पंजीकृत किसान उपार्जन केन्द्र का स्वयं चयन करके दिन एवं समय का स्लॉट ऑनलाइन बुक करेंगे। जिसके आधार पर किसानों से गेंहू का उपार्जन किया जाएगा। जिन खरीदी केन्द्रों में स्लॉट बुक नहीं होंगे। वहां से किसानों को SMS से खरीदी की सूचना दी जाएगी। वही कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले के अनुसार, किसानों को 32 हजार रुपये हेक्टेयर राहत राशि दी जाएगी, वहीं चमक विहीन गेहूं की भी खरीदी होगी, हालांकि इसके लिए शासन ने कुछ गाइडनलाइन तय की गई है।
चमकविहीन गेहूं खरीदी के लिए गाइडलाइन
- राज्य सरकार ने समर्थन मूल्य पर चमकविहीन गेहूं खरीदी के संबंध में गाइडलाइन जारी की गई है। इसके तहत 10 प्रतिशत तक चमकविहीन गेहूं बिना वैल्यू कट के साथ उपार्जन किया जाएगा।
- 10 से 80 प्रतिशत तक चमकविहीन गेहूं को एक चौथाई के लिए, एक पूर्ण मूल्य कटौती के साथ उपार्जन किया जाएगा।
- 80 प्रतिशत तक ही चमकविहीन गेहूं का उपार्जन किया जायेगा। इससे अधिक प्रतिशत तक चमकविहीन गेहूं नहीं खरीदा जाएगा।
- उपार्जन केंद्रों को चमकविहीन गेहूं का विधिवत रिकार्ड रखने के निर्देश दिए हैं।
- किसान की तौल की गई उपज में कितने प्रतिशत गेहूं की मात्रा चमकविहीन है, इसके साथ ही सर्वेयर एप और ई-उपार्जन साफ्टवेयर में संबंधित सर्वेयर द्वारा किसान के डाटा में चमकविहीन गेहूं के प्रतिशत की अनिवार्य रूप से आनलाइन प्रविष्टि कराये जाने के निर्देश है।
- उपार्जन केन्द्रों में चमकविहीन गेहूं अलग रखे जायेंगे। उपार्जन केन्द्र पर चमकविहीन गेहूं के बोरों पर स्याही लाल कलर से मार्किंग की जायेगी।
- उपार्जन संस्थाओं से मिले गेहूं चमकविहीन के स्वीकृत प्रतिशत से अधिक चमकविहीन पाये जाने पर ऐसे ट्रकों को भंडारण के लिये स्वीकार नहीं किया जायेगा और संबंधित उपार्जन केन्द्र को वापस किया जाएगा।
MSP पर किसानों की खरीदी के नियम
- पंजीयन के दौरान किसानों को यह जानकारी देनी होगी कि कितने क्षेत्र में गेहूं की बोवनी की है और वह कब उपज किस केंद्र पर बेचना चाहेगा।
- किसान भूमि अगर अन्य जिले में है तो उस जिले में पंजीयन कराया जाएगा।किसानों का पंजीयन केवल उसी स्थिति में हो सकेगा जब भू-अभिलेख में दर्ज खाते एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा।
- दस्तावेजों में विसंगति होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा।गेहूं पंजीयन के लिए आधार नम्बर का वेरिफिकेशन लिंक मोबाइल नम्बर पर प्राप्त ओटीपी से या बायोमैट्रिक डिवाइस से किया जाएगा।
- किसान प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में जाकर पंजीयन करा सकते हैं। इसमें किसानोें को बोवनी के क्षेत्र की जानकारी देनी होगी, जिसका सत्यापन पटवारियों से कराया जाएगा।भुगतान आधार नंबर से जुड़े बैंक खाते में ही होगी ताकि किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी न हो।
- किसानों को फसल बेचने के लिए SMS की अनिवार्यता: को समाप्त कर दिया गया है ।फसल बेचने के लिए किसान निर्धारित ई-पंजीयन पोर्टल के नजदीक के उपाजर्न केन्द्र, तिथि एवं समय के स्लाट का चयन कर गेहूं का विक्रय कर सकेंगे।
- गेंहू देने के बाद उपार्जन प्रभारी और किसान के बायोमेट्रिक सत्यापन के आधार पर खरीदी का बिल जारी होगा। सत्यापन की व्यवस्था पंजीकृत मोबाइल में भेजे गए ओटीपी अथवा बायोमेट्रिक डिवाइस से की जाएगी।
- गेंहू का उपार्जन सहकारी समितियों और स्वसहायता समूहों के माध्यम से किया जाएगा। इन्हें खरीदी केन्द्र पर अनाज के साफ-सफाई और ग्रेडिंग की व्यवस्था आउटसोर्सिंग के आधार पर करनी होगी। अनाज को साफ करने का खर्च किसानों द्वारा वहन किया जाएगा।
खरीफ फसल का लोन चुकाने की लास्ट डेट बढ़ी
मध्य प्रदेश शासन ने किसाों को राहत देते हुए खरीफ फसल का ऋण चुकाने की समय अवधि 30 अप्रैल तक बढ़ा दी है। राज्य शासन द्वारा समय-सीमा में वृद्धि से 60 करोड़ रूपये का अतिरिक्त ब्याज भार आएगा, जिसका भुगतान राज्य शासन द्वारा किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों से कहा गया है कि यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि प्रभावित किसानों के फसल बीमा योजना के प्रकरण बन जाएँ । प्रभावित किसानों से वसूली स्थगित करने का फैसला भी लिया गया है, उसका ब्याज भी राज्य शासन द्वारा भरा जाएगा। इससे किसानों को अगली फसल के लिए जीरो प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिल सकेगा।
12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

