
मध्य प्रदेश सरकार के स्पष्ट निर्देश है कि अनियमितता, सरकारी काम में लापरवाही, भ्रष्टाचार या फिर सरकारी काम के प्रति उदासीनता सामने आई तो उस अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध सख्त एक्शन होगा, लेकिन खास बात ये है कि एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें रिटायरमेंट के बाद भी सरकार ने अफसर के विरुद्ध बड़ा एक्शन लिया है।
सरकार द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे ने अनुशासनहीनता और अनियमितताओं के मामलों में सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने वर्ष 2022 में उज्जैन नगर पालिक निगम में भवन निर्माण अनुज्ञा जारी करने के एक मामले में अनियमितताएं सामने आने पर दो इंजीनियर्स के विरुद्ध कार्रवाई की है।
इसलिए की गई वार्षिक पेंशन वृद्धि निरस्त
प्राप्त शिकायतों और जांच के आधार पर यह पाया गया कि तत्कालीन अधीक्षण यंत्री जीके कठिल एवं तत्कालीन कार्यपालन यंत्री एलडी दोराया द्वारा गंभीर अनियमितताएं की गई थीं। दोषी पाए गए दोनों अधिकारी वर्तमान में सेवानिवृत्त हो चुके हैं। मध्य प्रदेश राज्य नगरीय यांत्रिकी सेवा नियमों के अंतर्गत उनकी वार्षिक वेतनवृद्धि (पेंशन वृद्धि) को निरस्त कर दिया गया है।
अनियमितता, लापरवाही पर जारी रहेगा एक्शन
आयुक्त संकेत भोंडवे ने स्पष्ट किया है कि विभाग को प्राप्त होने वाली शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। जांच में जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाए जाते हैं, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि शासन-प्रशासन की पारदर्शिता बनाए रखने के लिये यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
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