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MPPSC : राज्य सेवा एवं राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा 26 अप्रैल को, सीसीटीवी से रहेगी निगरानी, जानें नियम

Written by:Atul Saxena
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प्रारंभिक परीक्षा (Preliminary Exams) के आयोजन के बाद, मुख्य परीक्षा (Mains) का आयोजन 07 से 12 सितंबर 2026 के बीच संभावित है। अतः जो अभ्यर्थी प्रीलिम्स में शामिल हो रहे हैं, उन्हें मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए भी कम समय मिलेगा।
MPPSC : राज्य सेवा एवं राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा 26 अप्रैल को, सीसीटीवी से रहेगी निगरानी, जानें नियम

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मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की राज्य सेवा एवं राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा कल रविवार 26 अप्रैल 2026 को प्रदेश के 54 जिलों में बनाये गए निर्धारित करीब 500 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जााएगी। परीक्षा दो सत्रों में आयोजित की जाएगी। पहला सत्र सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक होगा, जिसमें सामान्य अध्ययन का प्रथम प्रश्न पत्र होगा। दूसरा सत्र दोपहर 02:15 बजे से शाम 04:15 बजे तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें सामान्य अभिरुचि परीक्षण (CSAT) का द्वितीय प्रश्न पत्र होगा।

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ने इस परीक्षा के एडमिट कार्ड 16 अप्रैल 2026 को जारी कर दिए हैं । जिन अभ्यर्थियों ने अभी तक अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड नहीं किया है, वे आयोग की आधिकारिक वेबसाइट mppsc.mp.gov.in पर जाकर इसे डाउनलोड कर सकते हैं।

त्रि स्तरीय जाँच से गुजरना होगा अभ्यर्थी को 

एमपीपीएससी ने अभ्यर्थियों से कहा है कि वे असुविधा से बचने के लिए परीक्षा केंद्र पर 90 मिनट पहले पहुंचे, प्रात: 9.45 बजे के बाद किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जायेगा। अभ्यार्थियों की जाँच बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, ई-प्रवेश पत्र और मूल फोटो पहचान पत्र से होगी, अभ्यर्थी साथ इसे रखना ना भूलें। परीक्षा केंद्रों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी।

परीक्षा कक्ष में यह वस्तुएँ प्रतिबंधित रहेंगी

परीक्षा कक्ष में पेंसिल, रबर (इरेजर), व्हाइटनर, स्केल, बैग्स व पठन सामग्री, मोबाइल फोन, पेनड्राइव, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ, हैंडफ्री, डिजिटल घड़ी, स्मार्ट घड़ी, एनालॉग घड़ी एवं अन्य ऐसे इलेक्ट्रोनिक उपकरण जो संचार उपकरण के रूप में उपयोग किए जा सकते हैं प्रतिबंधित रहेंगे। बालों को बांधने वाले क्लचर, बक्कल, हाथ के बैंड, हाथ में पहने जाने वाले मैटेलिक बैंड, चमड़े के बैंड, कमर में पहने जाने वाले बैल्ट, कफलिंक, धूप का चश्मा, पर्स व वॉलेट एवं टोपी भी प्रतिबंधित रहेगी। इसके अलावा चाबी, लाइटर्स, शार्पनर, ब्लैड तथा अन्य कीमती सामान प्रतिबंधित रहेंगे। जूते-मोजे पहनकर परीक्षा कक्ष में नहीं आ सकेंगे। अभ्यर्थी चप्पल और सेंडल पहनकर परीक्षा कक्ष में आ सकेंगे।

धार्मिक प्रतीकों की जाँच सम्मानपूर्वक होगी 

हिजाब, पगड़ी, पल्ला, हाथ में बंधे धागे व बंधन (कलावा), ताबीज एवं अन्य धार्मिक मान्यता की वस्तुओं का सम्मानपूर्वक सूक्ष्मता से परीक्षण किया जायेगा। महिला अभ्यर्थियों की तलाशी पूरी गरिमा के साथ महिला शासकीय सेवकों द्वारा की जायेगी। धार्मिक धागे व महिलाओं के आभूषण उतारे नहीं जायेंगे। महिला अभ्यर्थियों के दुपट्टे व चुन्नियां भलीभांति जांच के बाद तुरंत वापस की जायेंगी।

इन वस्तुओं को ले जाने की रहेगी अनुमति 

परीक्षा कक्ष में ई-प्रवेश पत्र, वैध पहचान पत्र, गोले बनाने के लिये निर्धारित स्याही का पेन, स्वयं का फोटोग्राफ (यदि आवश्यक हो), पानी की पारदर्शी बोतल, दिव्यांग परीक्षार्थियों हेतु उनके लिये आवश्यक सामग्री एवं अन्य ऐसी सामग्री जो ई-प्रवेश पत्र में निर्दिष्ट हो ले जाने की अनुमति होगी ।
Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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