तेलंगाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। शनिवार, 25 अप्रैल 2026 को राज्य में 47 माओवादियों ने सामूहिक रूप से आत्मसमर्पण कर दिया है। सभी आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों ने 32 हथियार भी पुलिस को सौंप दिए हैं। इसमें पीएलजीए बटालियन और डीकेएसजेडसी के कमांडरों समेत हेमला आयतू और पोडियम लच्छू जैसे शीर्ष नेता शामिल हैं। इस घटनाक्रम को नक्सली संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
माओवादियों के पास से बरामद हुआ हथियारों का जखीरा
बता दें कि माओवादियों ने पुलिस के सामने अत्याधुनिक हथियारों का जखीरा और भारी मात्रा में गोला-बारूद भी सौंपा। एक एलएमजी, चार एके-47, तीन एसएलआर, दो इंसास राइफलें, दो 410 मस्कट, एक 9 एमएम पिस्टल और एक .35 एमएम का हथियार शामिल है। इतना ही नहीं 32 हथियारों के अलावा 26 मैगजीन, 515 राउंड कारतूस और कॉर्डेक्स वायर के 10 बंडल भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। अब राज्य में माओवादियों का अस्तित्व लगभग समाप्ति की ओर है। वर्ष 2026 में अब तक करीब 260 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं।
तेलंगाना के डीजेपी बी. शिवधर रेड्डी ने जानकारी देते हुए बताया कि शनिवार को 47 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण किया है जो दंडकारण्य विशेष क्षेत्रीय समिति, पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी और दक्षिण बस्तर क्षेत्रीय समिति की 9वीं और 30वीं दस्ता से जुड़े थे। एक राज्य समिति सदरस्य है, तीन संभाग समिति सदस्य हैं, 24 क्षेत्रिय समिति सदस्य हैं, और अन्य 19 पार्टी सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि माओवादियों का यह आत्मसमर्पण, सरकार की पुनर्वास नीति और लगातार चल रहे ऑपरेशन का नतीजा है।
#WATCH | Hyderabad, Telangana | Director General of Police (DGP) of Telangana, B. Shivadhar Reddy says, “Today, 47 Maoist cadres surrendered, belonging to the Dandakaranya Special Zonal Committee, People’s Liberation Guerrilla Army and 9th and 30th platoons of South Buster… pic.twitter.com/G77Jghcxmx
— ANI (@ANI) April 25, 2026





