एमपी के होम मिनिस्टर का प.बंगाल में शंख’नाद’, देखिये वीडियो

narottam mishra bengal

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भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| पश्चिम बंगाल (West Bengal) में ‘कमल’ खिलाने भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कमर कस ली है| पार्टी ने मध्य प्रदेश भाजपा (Madhya pradesh BJP) के कद्दावर नेता और प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) को बंगाल में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है| मंगलवार को बीरभूम जिले के तारापीठ मे भाजपा की परिवर्तन रैली की शुरुआत नरोत्तम मिश्रा ने शंखनाद करके की |

गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा दो दिवसीय दौरे पर पश्चिम बंगाल पहुंचे हैं। बीरभूम में मंगलवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने परिवर्तन यात्रा को हरी झंडी दिखाई| इस मौके पर मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा भी मौजूद रहे| इस दौरान नरोत्तम मिश्रा ने परिवर्तन रैली की शुरुआत शंखनाद से की| मंत्री डॉ मिश्रा ने मंच से करीब आधे मिनट से अधिक समय तक शंख बजाया | इस दौरान रैली में उपस्थित लोगों ने जय श्री राम के नारे लगाए|

तिनके की तरह उड़ जायेगी तृणमूल कांग्रेस : मिश्रा
बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा ने अपने सम्बोधन में कहा कि पश्चिम बंगाल में परिवर्तन की हवा चल रही है और सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस इसमें तिनके की तरह उड़ जाएगी| मिश्रा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में परिवर्तन के संकेत दिख रहे हैं। जनता ने मन बना लिया है कि अब यहां हर हाल में सत्ता से ममता बनर्जी को बेदखल करेगी। यह साफ है कि परिवर्तन की हवा में तृणमूल कांग्रेस तिनके की तरह उड़ने वाली है|

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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