दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी का समर्थन करने पहुंचे पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा

दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी का समर्थन करने पहुंचे पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री और वर्तमान दतिया विधायक डॉ नरोत्तम मिश्रा को दिल्ली विधानसभा चुनाव में प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने रविवार को भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में जनसभाएं की और भाजपा को वोट देने की लोगों से अपील भी की। उन्होंने नई दिल्ली देवली विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी अरविंद कुमार के समर्थन में देवली विधानसभा क्षेत्र में दो जन सभाएं की।

उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यह चुनाव राष्ट्रवाद का चुनाव है। उन्होंने कहा कि ये जो लड़ाई है इस लड़ाई को आप धर्म और अधर्म की नज़र से भी देख सकते हैं। इस लड़ाई को आप राष्ट्रवाद की लड़ाई भी मान सकते हैं। क्योंकि वर्तमान के अंदर जो देश के हालात बने हैं दिल्ली अकेले की बात नहीं कर रहा हूं। दो ऐसी ताकत हैं देश को देख रही हैं ध्यान से। एक तो वह ताकत है जो चाहती हैं कि भारतमाता का माथा विश्व में ऊंचा हो जाए और भारत विश्वगुरु बन जाए। दूसरी वह ताकतें हैं जो भारत तेरे टुकड़े होंगे इंशाअल्लाह इंशाअल्लाह के नारे लगाते हैं और भारत हो तोड़ने में लगे हैं। आप सबको मालूम हैं जिसने भारत के टूकड़े होंगे, तुम कितने अफज़ल मारोगे हर घर से अफज़ल निकलेगा। हम बस यही कहते हैं कि जिस घर से अफज़ल निकलेगा हम उस घर में घुस के मारेंगे।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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