कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर नरोत्तम मिश्रा का तंज- “गोविंद जी की मखनी गोविंद जी को घीओ”

कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर नरोत्तम मिश्रा का तंज- “गोविंद जी की मखनी गोविंद जी को घीओ”

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट

गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा (home minister narottam mishra) ने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (Shrikrushna Janmashtmi) की शुभकामनाएं दी है। उन्होने कहा कि श्रीकृष्ण की वाणी से ही चारों वेदों की रचना हुई है। वहीं उन्होने कोरोना (corona) को लेकर अपील भी की कि मंदिरों में भीड़ जुटाने से बचें। साथ ही आने वाले त्योहारों जिसमें गणेश उत्सव और मोहर्रम शामिल है, उसमें केंद्र की गाइडलाइन का पालन करने की अपील की है।

वहीं कांग्रेस में अध्यक्ष (congress president) बनाए जाने को लेकर उन्होने कहा कि कांग्रेस में 20 लोग भी नहीं है , वहां किसी तीसरे को अध्यक्ष बनाया ही नहीं जा सकता। जब भी नये अध्यक्ष बनेंगे गांधी परिवार (Gandhi family) से ही बनेंगे। इधर कमलनाथ (kamalnath) के वायरल पोस्टर (viral poster) पर नरोत्तम ने कहा कि अर्जुन (arjun) ने ऐसी हालात तो नहीं बनाए थे अपनी सेना के, जैसे कांग्रेस के हो गए हैं।

कमलनाथ द्बारा यूरिया को लेकर सीएम को पत्र लिखे जाने पर गृहमंत्री ने कहा कि बोवनी होने के बाद यूरिया के लिए कमलनाथ ने पत्र लिखा है, वह जब जागे तभी सवेरा होता है।  कांग्रेस द्वारा वेबिनार की आलोचना पर वे बोले कि यह आश्चर्य की बात है, वेबिनार का आयोजन समृद्ध एमपी के लिए है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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