नरोत्तम बोले, डॉक्टरों पर हमला बर्दाश्त नहीं, अध्यादेश का किया स्वागत

नरोत्तम बोले, डॉक्टरों पर हमला बर्दाश्त नहीं, अध्यादेश का किया स्वागत

भोपाल| कोरोना (Corona) के खिलाफ अपनी जान जोखिम में डालकर जनता की जान की सुरक्षा के लिए दिन रात अपने कर्यव्य का पालन करने वाले डॉक्टरों पर हो रहे हमलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर अध्यादेश पारित किया है| इसमें स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला करने वालों पर 7 साल की सजा और 2 लाख तक जुर्माने का प्रावधान है| मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) ने केंद्र के फैसले का स्वागत किया है|

मंत्री नरोत्तम मिश्रा (Narottam Mishra) ने कहा डॉक्टरों पर हमला करने वाले किसी को बख्शा नहीं जाएगा| कोरोना संकटकाल के दौरान डॉक्टर्स और पुलिस ने मिसाल पेश की है, इसलिए ऐसा करने वालों को हम बख्शेंगे नहीं| उन्होंने कोरोना जांच को लेकर कहा जाँच की सुविधा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है| जब हम सरकार में आये थे तब 60 होती थी, अब 2000 जांच हो रही है, इसके अलावा स्पेशल विमान के माध्यम से सैंपल भेजकर जांच कराई जा रही है| किसानों से गेहूं की खरीदी पर उन्होंने कहा दो लाख मेट्रिक टन गेहूं 44 हजार किसानों से कल ही में किसानों से खरीदा है| अब तक 7 लाख अस्सी हजार मेट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चूका है|

कर्मचारी संघ ने किया स्वागत, अध्यादेश मप्र में भी लागू करने की मांग
देशभर में लगातार स्वास्थ्य कर्मियों एवं चिकित्सकों पर हो रहे हमले के दृष्टिगत केंद्र सरकार ने करोना जैसी महामारी में पीड़ित मानवता की सेवा कर रहे स्वास्थ्य कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए एक अध्यादेश पास कर दिया है जिसमें प्रावधान किया गया है कि यदि कोई व्यक्ति स्वास्थ्य कर्मचारियों पर हमला करता है तो उसे ₹200000 तक का जुर्माना एवं 7 साल तक की सजा हो सकती है । भारत सरकार द्वारा लाये गए इस अध्यादेश से स्वास्थ्य कर्मचारियों में सुरक्षा की भावना बलवंत होगी साथ ही उनका मोरल भी बढ़ेगा । मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के महामंत्री एवं स्वास्थ्य समिति के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण शर्मा ने इस अध्यादेश का स्वागत करते हुए मध्य प्रदेश सरकार से मांग की है कि इस अध्यादेश को मध्य प्रदेश में लागू करें तथा स्वास्थ्य कर्मचारियों पर हमला करने वाले, उनसे दुर्व्यवहार करने वालों पर सख्ती से कार्यवाही करें।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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