अतिथि विद्वानों से बोले नरोत्तम आप का संघर्ष व्यर्थ नहीं जाने देंगे

पंचायत चुनाव

भोपाल।

पिछले 72 दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे शासकीय महाविद्यालयों के अतिथि विद्वानों के बीच आज बीजेपी के वरिष्ठ नेता और विधायक नरोत्तम मिश्रा पहुंचे। दरअसल बुधवार को ही शाहीन नाम की महिला अतिथि विद्वान जो छिंदवाड़ा की रहने वाली है ने अपना मुंडन कराकर सरकार के प्रति विरोध जताया था।

नरोत्तम ने अतिथि विद्वानों की दुर्दशा पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि सरकार जो भी वचन करके सत्ता में आई है उनमें से एक भी पूरा नहीं हुआ है। हालात यह है कि सरकार पर आइफा अवॉर्ड कराने और फिल्मों पर पैसा लुटाने के लिए तो धन है लेकिन जहां गरीब और मजलूम की बात आती है सरकार खजाने की खाली होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेती है। नरोत्तम ने सरकार पर वार करते हुए कहा कि दरअसल यह सरकार कॉरपोरेट कल्चर की सरकार है और इससे आम जनता की समस्याओं से कोई मतलब नहीं ।नरोत्तम ने अतिथि विद्वानों से वादा किया कि वे उनकी समस्याओं को आने वाले विधानसभा सत्र में पूरी ताकत से उठायेगे। संकट की घड़ी में अतिथि विद्वानों के साथ होने का वादा भी नरोत्तम ने किया।नरोत्तम मिश्रा जी के साथ धरना स्थल पर भाजपा के पार्षद प्रवक्ता गण सुश्री राजो मालवीय रजनीश अग्रवाल दुर्गेश केसवानी प्रवीण नापित महेश शर्मा राकेश शर्मा मनीष सक्सेना तपन तोमर नेहा बग्गा नरेंद्र शिवाजी पटेल समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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