नरोत्तम का पलटवार- गोविंद सिंह के बयान से छलक रहा उनका दर्द, समझा जा सकता कांग्रेस में वरिष्ठों की स्थिति

नरोत्तम का पलटवार- गोविंद सिंह के बयान से छलक रहा उनका दर्द, समझा जा सकता कांग्रेस में वरिष्ठों की स्थिति

भोपाल।

मध्यप्रदेश में आगामी उपचुनाव से पहले जहां कांग्रेस पार्टी में अंदरूनी कलह की स्थिति उत्पन्न हो गई है।वरिष्ठ नेता ही अपने पार्टी के नेतृत्व पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ बीजेपी इस मौके को लपकने में भी पीछे नहीं है। एक तरफ जहां कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता गोविंद सिंह ने कमलनाथ के नेतृत्व शैली पर सवाल उठाया है। वहीं दूसरी तरफ अब प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने गोविंद सिंह का समर्थन करते हुए कहा है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का दर्द साफ झलक रहा है। जहां पार्टी में उनकी स्थिति को आसानी से समझा जा सकता हैं।

दरअसल मीडिया से बात करते हुए प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस के सारे नेता 70 से 75 तक की उम्र के हैं। गोविंद सिंह ने कमलनाथ की कार्यशैली पर जो सवाल उठाए हैं। इससे साफ जाहिर है कि कांग्रेस में वरिष्ठ नेताओं की स्थिति क्या है। इसी के साथ गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने यह भी कहा की कमलनाथ ने अपने लिए केंद्रीय व्यवस्था कर ली है लेकिन कांग्रेस में इसमें बुराई क्या है। कांग्रेस में सब एक ही परिवार के भरोसे तो चलता रहा है। कांग्रेस की इसी संस्कृति को तो कमलनाथ ने मध्य प्रदेश में आगे बढ़ाया है। वही नरोत्तम मिश्रा ने गोविंद सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि गोविंद सिंह समाजवादी पृष्ठभूमि के हैं, लेकिन यह सच है कि वह बोलते खरा है।गोविंद सिंह जैसे वरिष्ठ नेताओं को यह तब ही समझना चाहिए था जब वह नाथ कैबिनेट में नंबर दो के मंत्री थे उनको ऐसे विभाग दिए गए थे जहां लग ही नहीं रहा था कि वह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में से हैं।

बता दे कि मध्यप्रदेश में होने वाले आगामी उप चुनाव से पहले ही कांग्रेस पार्टी में अंदरूनी कलह की स्थिति उत्पन्न हो गई है। जहां ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित 24 विधायकों के पार्टी से कटने के बाद अब लहार विधानसभा क्षेत्र से 7 बार विधायक रह चुके कांग्रेस नेता गोविंद सिंह ने भी अपनी पार्टी के नेतृत्व पर सवाल उठाया है। गोविंद सिंह ने कमलनाथ की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी में अब सब कुछ केंद्रीकृत हो गया है। जहां कांग्रेस में अभी जनाधार वाले कई नेता है लेकिन उन्हें क्षमता के अनुसार जिम्मेदारी नहीं दी जा रही है। जिसकी वजह से वो कांग्रेस पार्टी छोड़ भाजपा में शामिल हो रहे हैं। वही गोविंद सिंह ने यह भी आशंका जताई है कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो ऐसे विधायकों की संख्या और बढ़ सकती है। जिस पर अब बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। वहीं पार्टी के अंदरूनी कलह को देखते हुए अब कमलनाथ के लिए उपचुनाव की राह कैसी होगी यह देखना दिलचस्प है।

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