MP: लॉकडाउन के दौरान 12 से 15 लाख युवा बेरोजगार,ट्रेवल-टूरिज्म सेक्टर में सबसे ज्यादा नुकसान

MP: लॉकडाउन के दौरान 12 से 15 लाख युवा बेरोजगार,ट्रेवल-टूरिज्म सेक्टर में सबसे ज्यादा नुकसान

भोपाल

कोरोना संकलकाल अपने साथ और भी बहुत से साइड इफेक्ट्स लेकर आया है। बीमारी के अलावा जो सबसे बड़ा नुकसान हुआ है वो है बेरोजगारी। मध्यप्रदेश की बात करें तो युवा आयोग के मुताबिक प्रदेश में 12 लाख से लेकर 15 लाख युवा बेरोजगार हुए हैं। एक सर्वे के मुताबिक सबसे अधिक नौकरियां ट्रैवल और टूरिज्म सेक्टर में गई है। इसी से साथ युवा आयोग ने सिफारिश की है कि जिन युवाओं को अपनी नौकरियों से हाथ धोना पड़ा है, सरकार उन्हें हर महीने 5 से 7 हजार रूपये भत्ता दे।

बता दें कि 24 मई को भारत में बेरोजगारी दर 24 फीसदी से बढ़कर 24.3 फीसदी हो गई है। लॉकडाउन में बेरोजगारी दर में उछाल इसी बात से समझा जाता है कि मार्च में बेरोजगारी दर 8.8 प्रतिशत थी और मई जाते जाते इसमें लगभग तीन गुना इज़ाफा हो गया।सीएमआईई की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत की अर्थव्यवस्था सुधरने में लंबा समय लग सकता है। आने वाले दिन मजदूरों के लिये और भी कठिन हो सकते हैं। इसी के साथ प्राइवेट सेक्टर में नौकरियों पर खतरा लगातार मंडरा रहा है। ऑटोमोबाइल, मनोरंजन, पर्यटन सहित अनेक क्षेत्रों में आगामी दिनों में और नौकरियां जाने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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