चार नन्हें कबरबिज्जू और उनकी मां को पहुंचाया गया वन विहार

चार नन्हें कबरबिज्जू और उनकी मां को पहुंचाया गया वन विहार

भोपाल

पिपलानी के एक सरकारी स्कूल में दो दिन पहले मादा कबरबिज्जू ने 4 बच्चे दिए थे। स्कूल प्रशासन द्वारा इसकी सूचना वन विहार को दी गई तथा सोमवार को रेस्क्यू टीम ने आकर मां और चारों बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। शाहिद अली के संरक्षण में पांचों कबरबिज्जू को वन विहार पहुंचाया गया है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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