सत्ता और संगठन में समन्वय के लिये बनी टीम से निकलेगा पीसीसी चीफ!

सत्ता और संगठन में समन्वय के लिये बनी टीम से निकलेगा पीसीसी चीफ!

भोपाल। सत्ता और संगठन में बेहतर तालमेल के लिए कांग्रेस हाई कमान ने प्रदेश में समन्वय समिति का गठन किया है। इस समिति में लंबे समय से प्रदेश की राजनीति से दूर चल रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी शामिल किया गया है। इस समिति का अध्यक्ष प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया को बनाया गया है। इसमें मुख्यमंत्री कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, उच्च शिक्षा मंत्री जीतू पटवारी और पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन शामिल हैं।

वचन पत्र और घोषणा पत्र की माॅनीटरिंग के लिए यह समिति गठित की गई है। लेकिन पंचायत और निकाय चुनाव से पहले बनाई गई इस समिति की चुनाव में भी अहम भूमिका होगी। वहीं इसके संकेत भी मिल रहे हैं कि सत्ता और संगठन में समन्वय के लिए बनाई गई इस समिति के ही किसी सदस्य को प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपी जा सकती है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को लेकर अब तक ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम प्रबल दावेदारों में गिना जा रहा था। लेकिन राज्यसभा के लिए भी उनकी दावेदारी मानी जा रही है। सूत्रों की माने तो सिंधिया का राज्यसभा जाना तय है। इसके अलावा कमलनाथ कैबिनेट के कुछ मंत्रियों का नाम भी पीसीसी चीफ की दौड़ में है। इस बीच पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन का नाम तेजी से उभरकर सामने आया है।

प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में जीतू पटवारी का नाम भी है। लेकिन वो फिलहाल कैबिनेट में है। जो समीकरण बन रहे उसमे मीनाक्षी नटराजन का नाम भी प्रबल दावेदार के रूप में उभरा है, वह राहुल गांधी की भरोसेमंद मानी जाती है। वहीं इस समिति में अरुण यादव का भी नाम है जो पहले प्रदेश की कमान संभाल सकेंगे। इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि  इस कमेटी में शामिल नेताओं में से ही किसी को प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपी जाएगी।

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निदेशक और संपादक

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