सरकार के इस निर्णय से कर्मचारी अधिकारियों को होगा नुकसान

सरकार के इस निर्णय से कर्मचारी अधिकारियों को होगा नुकसान

मध्यप्रदेश सरकार ने निर्णय लिया है कि कर्मचारियों के सामान्य भविष्य निधि पर मिलने वाली ब्याज दर अब 7.9% होगी। पहले यह दर 8% हुआ करती थी यानी अब पॉइंट 0.1% का घाटा सरकारी अधिकारी कर्मचारियों को सहना होगा। 11 फरवरी को वित्त विभाग के द्वारा जारी किए गए सर्कुलर में वर्ष 2019-2020 के द्वितीय तृतीय और चतुर्थ मास के दौरान विभिन्न विधियों में जमा राशियों पर ब्याज की दर बताई गई है। इसके अनुसार सामान्य भविष्य निधि मध्यप्रदेश ,अंशदाई भविष्य निधि मध्यप्रदेश ,पटवारी विशेष भविष्य निधि मध्यप्रदेश, मध्य भारत जीवन बीमा निधि मध्यप्रदेश और विभागीय भविष्य निधि मध्यप्रदेश में 7.9% की दर से ब्याज देय होगा। यह ब्याज दरें 1 जुलाई 2019 से 30 सितंबर 2019, 1 अक्टूबर 2019 से 31 दिसंबर 2019 और 1 जनवरी 2020 से 31 मार्च 2020 तक के लिए प्रभावशाली होंगी।

सरकार के इस निर्णय का कर्मचारी संगठनों ने विरोध किया है। उनका कहना है कि पहले ही सरकार महंगाई भत्ते जैसी चीजों में कटौती कर रही है और अब सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के भविष्य पर कुठाराघात है और इसे शीघ्र वापस लिया जाना चाहिए।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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