पेंशन कार्यालय में सेनेटाइज हो रही हैं फाइलें, सैकड़ों प्रकरण लंबित

पेंशन कार्यालय में सेनेटाइज हो रही हैं फाइलें, सैकड़ों प्रकरण लंबित

भोपाल

राजधानी भोपाल में सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी कर्मचारियों के पेंशन प्रकरण का निराकरण जिला पेंशन कार्यालय, जो सतपुडा भवन की दूसरी मंजिल पर लगता है द्वारा किया जाता है। पिछले 6 माह में भोपाल जिले में सेवानिवृत्त हुए सैकड़ों अधिकारी कर्मचारी अपने पेंशन प्रकरणों के निराकरण एवं पी.पी.ओ प्राप्‍त करने के लिये भटक रहे हैंं। पेंशन प्रकरणों की जानकारी प्राप्‍त करने के लिये आए लोगों को प्रवेश द्वार पर ही रोक दिया जाता है और बताया जाता है कि अभी फाइल सेनेटाइज हो रही है।

जिला पेंशन कार्यालय में जो भी प्रकरण या दस्‍तावेज आते है उन्‍हें सेनेटाइज कर तीन दिन अलग पटक दिया जाता है। फिर यह डाक पेंशन अधिकारी के पास जाती है। उनके द्वारा संबंधित कर्मचारी को प्रकरण अंकित किया जाता है उसके बाद कार्यवाही प्रारम्‍भ होती है। इस प्रक्रिया में 10- 15 दिन से अधिक समय लग रहा है जिससे प्रकरणों के निराकरण में अनावश्‍यक विलम्‍ब हो रहा है और कर्मचारी परेशान हो रहे हैं। मध्‍यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांतीय महामंत्री लक्ष्‍मीनारायण शर्मा ने अपर मुख्‍य सचिव वित्‍त को मेल भेजकर पेंशन प्रकरणों को शीघ्र निपटाने एवं पी.पी.ओ जारी करने की मांग की है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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