जनसंपर्क सचिव की अपील- “भ्रामक जानकारियों का प्रसार न करे मीडिया, कोरोना से लड़ने में करे सहायता”

P.Nrarhari

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भोपाल

जनसम्पर्क सचिव पी. नरहरि ने सोशल मीडिया पर प्रदेश के विभाग प्रमुख अधिकारियों की जगह अन्य अधिकारियों की तैनाती की सूची को लेकर कहा है कि सोशल मीडिया में भ्रामक जानकारी फैलायी जा रही है। उन्होने स्पष्ट किया है कि राज्य शासन द्वारा भारत सरकार के निर्देशों के अन्तर्गत आईसीएमआर गाइड लाइन के मुताबिक यह तैयारी की जा रही है कि अगर वर्तमान में पदस्थ विभाग प्रमुख अचानक बीमार हो जाये या 24 घंटे में अत्याधिक कार्य की वजह से अस्वस्थ हो जाए या किसी अन्य कारण से उनकी उपलब्धता संभव नहीं हो, तो ऐसी स्थिति में उनके स्थान पर आवश्यकतानुसार सेकेंड लाइन में अन्य अधिकारी की तैनाती की जा सके। उन्होने कहा है कि प्रदेश में किसी भी विभाग प्रमुख अधिकारी ने दायित्वों से बचने के लिये अपने आप को क्वारेन्टाइन नहीं किया है। सभी अधिकारी पूरी गंभीरता से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं।

जनसंपर्क सचिव ने मीडिया से आग्रह किया है कि कोरोना वायरस की महामारी की रोकथाम में सकारात्मक भूमिका निभाएं, भ्रामक जानकारी के प्रसार से बचें और महामारी से निपटने के लिये सरकर को अपना बहुमूल्य सहयोग प्रदान करें। उन्होने कहा है कि इस महामारी की रोकथाम के लिये राज्य सरकार द्वारा युद्ध स्तर पर प्रयास किये जा रहे हैं। इसके बावजूद महामारी पर पूर्ण नियंत्रण कायम करने में लगने वाले समय को निश्चित नहीं किया जा सकता। इस स्थिति को ध्यान में रखकर राज्य सरकार द्वारा तैनात अधिकारियों की विपरीत परिस्थिति में अनुपलब्धता होने पर वैकल्पिक व्यवस्था के लिये कार्य किया जा रहा है। ऐसी व्यवस्था ऐसी सभी विभागों में की जा रही है जिसमें कोरोना वाइरस महामारी के तारतम्य में काम हो रहा है ।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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