भोपाल, इंदौर समेत इन जिलों में नाईट कर्फ्यू, रात 10 से सुबह 6 बजे तक बंद रहेंगी दुकानें

भोपाल, इंदौर समेत इन जिलों में नाईट कर्फ्यू, रात 10 से सुबह 6 बजे तक बंद रहेंगी दुकानें

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट| मध्य प्रदेश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं| मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साफ़ किया है कि फिलहाल प्रदेश में लॉक डाउन नहीं लगाया जाएगा| लेकिन जिन नगरों में कोरोना संक्रमण के अधिक मामले सामने आएंगे वहां रात्रिकालीन कर्फ्यू लागू किया जा सकता है। छोटे कंटेनमेंट क्षेत्र बनाकर गंभीर स्थिति वाले क्षेत्रों में एहतियात बढ़ाई जा सकती है। आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही करने वाले ट्रांसपोर्ट को भी नहीं रोका जाएगा। अर्थव्यवस्था की गति को कायम रखते हुए सिर्फ इसलिए सावधानी के प्रयास बढ़ाए जा रहे हैं ताकि कोरोना का प्रसार न हो।

सीएम ने कहा कि प्रदेश में कन्टेनमेंट जोन को छोड़कर शेष किसी भी जिले, शहर, क्षेत्र में लॉकडाउन नहीं लगाया जायेगा। अधिक संक्रमण के जिलों इन्दौर, भोपाल, ग्वालियर, रतलाम एवं विदिशा में 21 नवम्बर से आगामी आदेश तक प्रत्येक रात्रि 10 बजे से प्रात: 6 बजे तक दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे तथा नागरिक अति आवश्यक होने पर ही इस अवधि में आवागमन कर सकेंगे। औद्योगिक मजदूरों के आवागमन एवं ट्रकों के परिवहन पर कोई रोक नहीं रहेगी। अन्तर्राज्यीय एवं अन्तरजिला परिवहन सतत एवं निर्बाध रूप से चल सकेगा।

8वीं तक के स्कूल बंद रहेंगे
कक्षा 1 से 8वीं तक के समस्त स्कूल आगामी आदेश तक बंद रहेंगे। कक्षा 9 से 12 के स्कूली छात्र-छात्राएं तथा कॉलेज के छात्र-छात्राएँ विभागों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप गाइडेंस के लिए स्कूल/कॉलेज आ सकेंगे। सिनेमाघर अभी पूर्व व्यवस्था के अनुसार 50 प्रतिशत दर्शक संख्या के साथ संचालित हो सकते हैं।

शादी समारोह में उपस्थिति की सीमा तय होगी
फेस मास्क का उपयोग पब्लिक प्लेसेस में समस्त नागरिक करें इसका सख्ती से पालन कराया जायेगा। प्रदेश के समस्त जिलों में 21 नवम्बर से जिला क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटियों की बैठक आयोजित कर 22 नवम्बर तक समस्त जिला कलेक्टर विवाह/सामाजिक कार्यक्रमों में उपस्थिति की अधिकतम सीमा क्या तय की जाए और जिले में कौन-कौन से कन्टेनमेंट जोन बनाए जाएंगे का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजेंगे।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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