NIRF 2025: उमंग सिंघार ने शिक्षा नीति को लेकर बीजेपी सरकार को घेरा, कहा ‘टॉप-100 में MP का कोई कॉलेज-यूनिवर्सिटी नहीं’

इस साल 14,000 से अधिक संस्थानों ने रैंकिंग प्रक्रिया में भाग लिया। शिक्षा मंत्रालय ने कुल 17 श्रेणियों में रैंकिंग जारी की है। इनमें समग्र, विश्वविद्यालय, कॉलेज, इंजीनियरिंग, मेडिकल, प्रबंधन, फार्मेसी, कानून, वास्तुकला, दंत चिकित्सा, अनुसंधान, नवाचार, कृषि और संबद्ध क्षेत्र, ओपन यूनिवर्सिटी, स्किल यूनिवर्सिटी, राज्य सार्वजनिक विश्वविद्यालय और सतत विकास लक्ष्य शामिल हैं।
Umang Singhar Opposition Leader

Umang Singhar

राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) 2025 की घोषणा हो चुकी है और सौ नाम वाली लिस्ट में मध्यप्रदेश के एक भी कॉलेज या विश्वविद्यालय का नाम नहीं है। इसे लेकर उमंग सिंघार ने बीजेपी सरकार की शिक्षा नीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने युवाओं को सिर्फ बेरोजगारी और झूठे वादे दिए हैं।

गुरुवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एनआईआरएफ की रैंकिंग की घोषणा कर दी है। यह रैंकिंग शिक्षा मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट nirfindia.org पर उपलब्ध है। इस रैंकिंग का उद्देश्य छात्रों और अभिभावकों को देश के सर्वश्रेष्ठ कॉलेजों और विश्वविद्यालयों का चयन करने में मदद करना है।

NIRF रैंकिंग की घोषणा

राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क में इस साल सत्रह श्रेणियां शामिल की गई हैं, जिनमें पहली बार ‘सतत विकास लक्ष्य’ (SDG) कैटेगरी भी जोड़ी गई है। समग्र श्रेणी में आईआईटी मद्रास ने लगातार 10वीं बार पहला स्थान हासिल किया है। भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) बेंगलुरु दूसरे और आईआईटी बॉम्बे तीसरे स्थान पर रहे। ये रैंकिंग शिक्षण, अनुसंधान, स्नातक परिणाम, समावेशिता और सार्वजनिक धारणा जैसे मापदंडों पर आधारित है।

उमंग सिंघार ने शिक्षा के मुद्दे पर सरकार को घेरा

इस लिस्ट में मध्यप्रदेश का प्रदर्शन निराशाजनक है। इसे लेकर अब उमंग सिंघार ने सरकार पर निशाना साधा है। मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश का का कोई भी कॉलेज-यूनिवर्सिटी NIRF की टॉप-100 सूची में जगह नहीं बना पाई है। यह भाजपा सरकार की शिक्षा नीति की हकीकत है। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया है कि डबल इंजन सरकार ने न तो उच्च शिक्षा को प्राथमिकता दी, न शोध को प्रोत्साहन, न ही युवाओं के भविष्य की चिंता की और
परिणाम यह है कि प्रदेश का नाम देश की शीर्ष संस्थाओं में कहीं दिखाई नहीं देता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को भाजपा सरकार में सिर्फ बेरोजगारी, कागजी योजनाएं और झूठे वादे मिले हैं।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
Follow Us :GoogleNews