मध्य प्रदेश में मानसून के कमजोर पड़ने से भारी बारिश पर ब्रेक लग गया है। फिलहाल 11 सितंबर तक कहीं भी भारी बारिश की संभावना नहीं है । हालांकि वातावरण में नमी के चलते भोपाल, नर्मदापुरम और इंदौर संभाग में कहीं-कहीं बादल छाने का साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
मौसम विज्ञान केंद्र, भोपाल के मुताबिक, 9-10 सितंबर को पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में कम दबाब का क्षेत्र सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर प्रदेश में 12 सितंबर से देखने को मिलेगा। इस दौरान छतरपुर, पन्ना, दमोह और कटनी में तेज बारिश हो सकती है।
फिलहाल दो-तीन दिन भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, धार, इंदौर में बादलों की आवाजाही के साथ रिमझिम का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम शुष्क होने का मुख्य कारण मानसून ट्रफ और चक्रवातीय परिसंचरण का रुख अन्य राज्यों की ओर होना है।
मध्य प्रदेश में कोटे से 6 % कम पानी गिरा, पूर्वी हिस्से में अच्छी बारिश
1 जून से 8 सितंबर 2026 तक मध्य प्रदेश में सामान्य से 31.2 इंच बारिश हुई है, जबकी अबतक 33.3 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस हिसाब से 2.2 इंच यानि 6% बारिश कम हुई है। जून से अबतक पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 12% कम पानी गिरा है। सबसे अधिक मऊगंज में 53 इंच और सबसे कम आलीराजपुर में सिर्फ 13.6 इंच बारिश हुई है।
- भोपाल, राजगढ़, शिवपुरी, निवाड़ी, मैहर, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज और उमरिया में सामान्य से ज्यादा बारिश।
- उमरिया, अनूपपुर, आगर-मालवा, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, ग्वालियर, गुना, दतिया, खरगोन और बुरहानपुर में भी अच्छी बारिश।
- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 1% तक कम बारिश बारिश।
- बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर, सिवनी में औसत से 4% से 24% तक कम बारिश ।
- आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 7% से 55% कम पानी गिरा है।







