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पहले दौड़ में फेल, फिर नई पहचान बनाकर लौटा, रेटिना स्कैन ने बिगाड़ दिया पूरा खेल, ऐसे पकड़ाया फर्जी अभ्यर्थी

रतलाम में रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ग्रुप-D की शारीरिक परीक्षा के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। बिहार से आया युवक 30 हजार रुपये लेकर दूसरे अभ्यर्थियों की जगह दौड़ लगाने पहुंचा था।
पहले दौड़ में फेल, फिर नई पहचान बनाकर लौटा, रेटिना स्कैन ने बिगाड़ दिया पूरा खेल, ऐसे पकड़ाया फर्जी अभ्यर्थी

रतलाम में रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की ग्रुप-D (लेवल-1) शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) के दौरान पहचान सत्यापन प्रणाली ने बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश कर दिया। बिहार के मुंगेर जिले का रहने वाला अजीत कुमार दूसरे अभ्यर्थियों की जगह दौड़ लगाने के लिए रतलाम पहुंचा था। वहीं पहली बार असफल होने के बाद भी उसने दोबारा कोशिश की लेकिन दूसरी बार बायोमेट्रिक और रेटिना स्कैन में उसकी पहचान सामने आ गई।

जीआरपी के अनुसार आरोपी ने यह काम 30 हजार रुपये के सौदे में किया था। उसे 10 हजार रुपये एडवांस मिले थे। कोर्ट के आदेश के बाद आरोपी अजीत कुमार और मूल परीक्षार्थी निरंजन कुमार को जेल भेज दिया गया है, जबकि दूसरे अभ्यर्थी कुंदन कुमार की तलाश जारी है।

इंदौर से फ्लाइट लेकर दिल्ली गया

दरअसल जीआरपी थाना प्रभारी सोहनलाल पाटीदार के मुताबिक अजीत कुमार 2 सितंबर को बिहार के अभ्यर्थी निरंजन कुमार की जगह दौड़ लगाने पहुंचा था। लेकिन वह पहली दौड़ में सफल नहीं हो पाया। इसके बाद उसने रतलाम छोड़ दिया और टैक्सी से इंदौर पहुंचा। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि इंदौर से उसने फ्लाइट लेकर दिल्ली की यात्रा की। वहां वह किसी व्यक्ति से मिला और फिर वापस रतलाम लौट आया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि दिल्ली में उसकी मुलाकात किससे हुई और क्या इस फर्जीवाड़े के पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा है। इसके बाद 6 सितंबर को वह फिर रतलाम पहुंचा, लेकिन इस बार उसने एक नए अभ्यर्थी कुंदन कुमार की पहचान का इस्तेमाल किया। उसे लगा कि पहचान बदलने से वह बच जाएगा, लेकिन तकनीकी जांच ने उसकी योजना नाकाम कर दी।

अब दूसरे आरोपी की तलाश

वहीं 6 सितंबर को परीक्षा केंद्र पर प्रवेश से पहले बायोमेट्रिक और रेटिना मैचिंग की प्रक्रिया हुई। इसी दौरान सिस्टम ने दिखाया कि यही व्यक्ति पहले भी परीक्षा दे चुका है। रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत उसे रोक लिया और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जीआरपी को सूचना दी। जांच में पता चला कि जिस कुंदन कुमार के नाम पर वह दूसरी बार परीक्षा देने आया था, वह खुद रतलाम पहुंचा ही नहीं था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कुंदन और अजीत के बीच संपर्क कैसे हुआ और इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं। जरूरत पड़ने पर जांच टीम बिहार जाकर भी पूछताछ करेगी। रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ पश्चिम रेलवे मुंबई के कार्यालय अधीक्षक राजेश्वर तिवारी की शिकायत पर धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेजों से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस बैंक लेनदेन, कॉल रिकॉर्ड और यात्रा के पूरे रूट की जांच कर रही है।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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