दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। दरअसल सोमवार रात झाबुआ से रतलाम लौट रहे रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3040 के गवर्नर संस्कार कोठारी की कार पर अचानक बड़ा पत्थर आकर लगा। बता दें कि यह घटना थांदला से करीब 15 किलोमीटर आगे रतलाम की ओर हुई। पत्थर कार के सामने वाले शीशे पर ड्राइवर की दूसरी तरफ आकर लगा, जहां संस्कार कोठारी बैठे हुए थे।
वहीं ड्राइवर विजय सिंह राठौर ने हालात को देखते हुए बीच रास्ते में कार रोकने का जोखिम नहीं उठाया। उन्होंने वाहन को लगातार चलाते हुए सीधे रतलाम जिले के धामनोद स्थित टोल प्लाजा तक पहुंचाया। रास्ते में उन्होंने एक्सप्रेस-वे के इमरजेंसी नंबर 1033 पर मदद मांगी, लेकिन वहां से उन्हें पुलिस को सूचना देने की सलाह दी गई। इसके बाद उन्होंने डायल 112 पर कॉल कर पूरी घटना की जानकारी दी।
धामनोद टोल पर दर्ज हुई शिकायत
दरअसल धामनोद टोल प्लाजा पहुंचने के बाद संस्कार कोठारी ने घटना की जानकारी टोल कर्मचारियों को दी। इसके बाद पुलिस और एक्सप्रेस-वे प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। एक्सप्रेस-वे अधिकारियों ने उनकी शिकायत दर्ज की, जबकि पुलिस ने उन्हें औद्योगिक क्षेत्र थाने में लिखित आवेदन देने की सलाह दी। रात ज्यादा होने के कारण संस्कार कोठारी मंगलवार सुबह औद्योगिक क्षेत्र थाने पहुंचे और वहां लिखित शिकायत दर्ज कराई।
उन्होंने बताया कि घटना के समय आसपास कोई दूसरी कार नहीं थी और न ही सामने से कोई वाहन आता दिखाई दिया। इससे यह सवाल उठ रहा है कि पत्थर कहां से फेंका गया। पुलिस अब घटना स्थल की पहचान कर आसपास के इलाकों की जांच कर रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, जिस जगह पत्थरबाजी हुई, वह झाबुआ और रतलाम जिले की सीमा के बीच का इलाका है। इस कारण रतलाम पुलिस झाबुआ पुलिस के साथ समन्वय कर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।
बढ़ती घटनाओं से सुरक्षा पर सवाल
वहीं संस्कार कोठारी सोमवार शाम करीब 5 बजे अपनी फोर्ड कार (MP 09 WH 5373) से रोटरी के काम से झाबुआ गए थे। रात में लौटते समय यह घटना हुई। उनके मुताबिक, पत्थर लगने के बाद उन्होंने सुरक्षा के लिहाज से रास्ते में कहीं भी वाहन नहीं रोका और सीधे टोल प्लाजा तक पहुंचे। दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे पर यह पहली बार नहीं है जब पत्थरबाजी की घटना सामने आई हो। इससे पहले भी कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें चलते वाहनों पर पत्थर फेंके गए।






