अब शिवराज की यह योजना हो सकती है शर्तो के अधीन

अब शिवराज की यह योजना हो सकती है शर्तो के अधीन

भोपाल. मंगलवार को कमलनाथ(kamalnath) सरकार कैबिनेट(cabinet) में दो बड़े प्रस्तावों को पुनर्विचार के लिए रोक लिया गया है। सरकार मुख्यमंत्री कन्या विवाह निकाह योजना एवं राजनीतिक दलों व चैरिटेबल ट्रस्ट(charitabel trust) को दी जाने वाली सरकारी जमीन के नियमों में संशोधन पर पुनर्विचार करेगी। इसके अलावा कैबिनेट की बैठक में मानसिक रोगियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण एवं संभाग बनाने के लिए बोर्ड के गठन को मंजूरी दे दी गई है।

इन प्रस्तावों पर पुनर्विचार के लिए लगी रोक

मुख्यमंत्री कन्या विवाह निकाह योजना को पुनर्विचार के लिए रोका गया है ताकि उसकी बढ़ती संख्या को नियंत्रित किया जा सके और इसके लिए लाभार्थियों के आयकरदाता होने के बन्धन पर विचार किया जाना है।

साथ ही सरकार राजनीतिक दलों व चैरिटेबल ट्रस्ट के जमीन नियमों के संशोधन पर भी पुनर्विचार करेगी।

इन योजनाओं को मिली मंजूरी

मालूम हो कि इंदौर(indore) के 237 को रुपए की लागत से सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के निर्माण के लिए कैबिनेट ने मंगलवार को मंजूरी दी है। 970 पदों के लिए दो चरणों में भर्ती की जाएगी। इसके साथ ही स्टेट एलाइट हैल्थ इंस्टीट्यूट जबलपुर(jabalpur) एवम् स्टेट एलाइट हैल्थ इंस्टीट्यूट इंदौर के लिए भी 54 एवम् 59 पद पर भर्ती को मंजूरी मिली है।

प्रदेश सरकार ने ऊर्जा भंडारण को प्रोत्साहित करने के लिए 10 साल तक विद्युत विकास उपकर नहीं लेने एवं परियोजना के लिए निजी भूमि खरीदने के लिए 50 फीसद तक छूट भी मंजूर किया है। इसके अलावा मध्य प्रदेश पावर जेनरेटिंग कंपनी जबलपुर के लिए 500 करोड़ रुपए का कर्ज लेने को भी मंजूरी दी गई है।

नल- जल योजना के तहत करीब 79 नलों का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया है।

मानसिक रोगियों की जीवनशैली कि गुणवत्ता के लिए स्वास्थ्य प्राधिकरण के गठन में 9 सरकारी एवं 11 गैर सरकारी सदस्य होंगे और साथ ही संभाग स्तर पर गठित रिव्यू बोर्ड में पांच सदस्य रहेंगे, जिसके लिए कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।

सामाजिक न्याय एवं निशक्तजन कल्याण विभाग के एक प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए कमलनाथ सरकार दिव्यांगों के सामाजिक पुनर्वास में कार्य कर रही निजी संस्थाओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन करेगी। इस क्षेत्र में कार्य करने के लिए पुरस्कार देकर उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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