MP में 500 पार पहुंचा पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा, 40 की मौत

MP में 500 पार पहुंचा पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा, 40 की मौत

भोपाल| मध्य प्रदेश में कोरोना की रोकथाम के लिए हो रही तमाम कोशिशों के बावजूद इसका दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है| शनिवार को प्रदेश में पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 500 पार हो गया है| संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं मध्यप्रदेश, द्वारा जारी बुलेटिन के मुताबिक प्रदेश में आज कुल 78 नए पॉजिटिव मामले सामने आये हैं| कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 529 हो गई है। वहीं प्रदेश में अब तक 40 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो चुकी है|

राजधानी भोपाल में पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 131 और इंदौर में कुल मरीजों की संख्या 281 हो गई है| इंदौर में अब तक 30 लोगों की मौत हो गई है| इसके अलावा मुरैना में अभी तक 14 पॉजिटिव केस सामने आए हैं| वहीं, उज्जैन में 16 पॉजिटिव मरीज में से 5 की मौत हो चुकी है| जबलपुर में कोरोना पीड़ित मरीजों की संख्या 9 है और 4 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं| इसके अलावा ग्वालियर में कोरोना पीड़ित मरीजों की संख्या 6 है और 2 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं, शिवपुरी में 2 पॉजिटिव केस सामने आए हैं|

इंदौर के 4 पत्थरबाजों में से जबलपुर जेल में शिफ्ट किया गया एक आरोपी कोरोना पॉजिटिव मिला है। इसके बाद इसे जिला अस्पताल लाया गया और उसे आइसोलेट किया गया है। वहीं इंदौर में 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण 7 लोगों की मौत हो गई। शहर में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 30 पहुंच गई है। उज्जैन में 15 लोग पॉजिटिव मिले हैं जिसमे 5 लोगों की मौत हो चुकी है|

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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