नर्सिंग कॉलेज घोटाला : जयवर्धन सिंह ने सोशल मीडिया पर डाक्यूमेंट्स शेयर करते हुए लगाए आरोप, पूछा ‘कब होगी कार्रवाई’

कांग्रेस विधायक ने कहा है कि अभी तक इस घोटाले में सिर्फ़ रिश्वत देने वाले और दो जाँच अधिकारी पकड़े गये है। लेकिन जिन बड़े लोगों ने दलालों के माध्यम से पैसा लेकर फ़र्ज़ी कॉलेजों को संबद्धता और मान्यता दी है उन पर कार्रवाई कब होगी। बता दें कि इस मुद्दे पर विधानसभा में विपक्ष लगातार चर्चा की मांग कर रहा है और इसे लेकर हंगामा जारी है।
Jaivardhan

MP Nursing College Scam : कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने एक बार फिर नर्सिंग मामले पर सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि मलय नर्सिंग कॉलेज, प्रज्ञाराज कॉलेज ऑफ नर्सिंग और निशा इंस्टिट्यूट ऑफ़ नर्सिंग साइंस एंड को संबद्धता हेतु ग़लत तरीक़े से मान्यता दी गई है। इस मामले पर जयवर्धन ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर कुछ दस्तावेज साझा करते हुए फिर विश्वास सारंग पर आरोप लगाए हैं।

जयवर्धन सिंह ने नर्सिंग मामले पर लगाए आरोप

जयवर्धन सिंह ने एक्स पर एक थ्रेड शेयर करते हुए लिखा है कि ‘वर्तमान में इस महाघोटाले में मान्य उच्च न्यायालय के आदेश पर 13 लोगों की गिरफ़्तारी हुई है जिनमें से दो इंस्पेक्टर रैंक के अफ़सर है जो CBI की तरफ़ से इस केस की जाँच कर रहे थे। साथ ही कुछ नर्सिंग कॉलेज के संचालक भी गिरफ़्तार हुए है। उनमें से दो आरोपी मलय नर्सिंग कॉलेज भोपाल के है। नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा के कारण मलय नर्सिंग कॉलेज को वर्ष 20-21 के सेशन के लिए संबद्धता ना मिलने के कारण अमान्य घोषित कर दिया था। दिए गए टेबल में आप देख सकते है 25/11/2022 तक मलय नर्सिंग कॉलेज अमान्य था।’

उन्होंने कहा कि ‘तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग जी की अध्यक्षता में मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर के कुलपति एवं अन्य अधिकारियों के साथ 14/12/2022 को समीक्षा बैठक आयोजित होती है। अगले दिन मंत्री जी के कार्यालय से कुलपति को पत्र में चौथे बिंदु में लिखा जाता है कि जिन नर्सिंग कॉलेजों को वर्ष 19-20, 20-21 और 21-22 में संबद्धता नहीं मिली है उन पर पुनर्विचार कर समय सीमा में करवाई करने का आदेश दिया जाता है।’

विपक्ष लगातार है हमलावर

‘ठीक एक हफ़्ते बाद विश्वविद्यालय की बैठक आयोजित की जाती है जिसमें कुलपति मंत्री जी की बैठक का उल्लेख करके मलय नर्सिंग कॉलेज, प्रज्ञाराज कॉलेज ऑफ नर्सिंग और निशा इंस्टिट्यूट ऑफ़ नर्सिंग साइंस एंड को संबद्धता हेतु मान्य कर देते है। मलय नर्सिंग कॉलेज के दोनों संचालक गिरफ़्तार है। प्रज्ञाराज और निशा इंस्टिट्यूट को मान्य उच्च न्यायालय ने अनसुटेबल घोषित कर दिया है। अभी तक इस घोटाले में सिर्फ़ रिश्वत देने वाले और दो जाँच अधिकारी पकड़े गये है। लेकिन जिन बड़े लोगों ने दलालों के माध्यम से पैसा लेकर फ़र्ज़ी कॉलेजों को संबद्धता और मान्यता दी है उन पर कार्रवाई कब होगी?’ बता दें कि इस बार विधानसभा में पूरा विपक्ष नर्सिंग घोटाले को लेकर सरकार पर हमलावर है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, जयवर्धन सिंह सहित पूरी कांग्रेस सदन में चर्चा की मांग कर रही है और विपक्ष ने मंत्री विश्वास सारंग का इस्तीफा भी मांगा है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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