IAS की पहल पर MP को एक और बड़ी उपलब्धि, निजी अस्पतालों से वसूले 1.57 करोड़

निजी अस्पताल

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) ने एक बार फिर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (NHA) ने आयुष्मान भारत योजना को लेकर सभी राज्यों की रैंकिंग जारी की है।इसमें मध्य प्रदेश ने 93% शिकायतों को सॉल्व कर आयुष्मान भारत योजना में पहला स्थान प्राप्त किया है । वही आयुष्मान भारत निरामयम मप्र के सीईओ और आईएएस अनुराग चौधरी की पहल से करीब प्रदेश के 67 निजी अस्पतालों से 1.57 करोड़ वसूलकर मरीजों के खाते में ट्रांसफर किए है।

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दरअसल, आयुष्मान भारत केन्द्र सरकार की बड़ी योजना है, इसमें आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को फ्री में इलाज कराने की सुविधा मिलती है। प्रदेश भर में करीब 1000 सरकारी और प्रायवेट अस्पतालों को आयुष्मान में इम्पैनल कर आयुष्मान कार्ड धारी परिवारों को सालाना पांच लाख तक का इलाज मुहैया कराया जाता है।हर साल इस योजना का नेशनल हेल्थ अथॉरिटी द्वारा सर्वे करवाया जाता है, जिससे पता चलता है राज्यवार योजना का लाभ मरीजों को मिल रहा है या नहीं। कहीं योजना के नाम पर निजी अस्पताल वसूली तो नहीं कर रहें।

इसी कड़ी में इस योजना में गड़बड़ी करने वाले अस्पतालों पर कार्रवाई करने और मरीजों की शिकायत का समाधान करने के मामले में मध्य प्रदेश ने देश में पहला स्थान पाया है। मप्र ने अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक एक साल में दर्ज हुई 6484 शिकायतों में से 93% कम्प्लेन (6038) का समयसीमा में निराकरण किया है और मरीजों से वसूली करने वाले 67 अस्पतालों से मप्र आयुष्मान भारत ने करीब 1 करोड़ 57 लाख रूपए की रिकवरी की है।

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इस उपलब्धि पर आयुष्मान भारत निरामयम मप्र के सीईओ और आईएएस अनुराग चौधरी का कहना है कि 3 पैरामीटर्स पर सभी राज्यों का NHA ने रिव्यू किया है। इसमें शिकायतों काे क्लोज करने में 93%, कम्प्लेन को गुणवत्तापूर्ण तरीके से क्लोज करने पर 75%, और  इतना ही नहीं इसमें 145 मरीजों की शिकायतों की जांच के बाद उनके खातों में अस्पतालों से 59 लाख रूपए ट्रांसफर भी करवाए गए हैं।

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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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