चर्चा में पूर्व विधायक की पोस्ट, ‘ये राजनीतिक दहेज़ प्रताड़ना कहीं तलाक का कारण ना बन जाये’

चर्चा में पूर्व विधायक की पोस्ट, ‘ये राजनीतिक दहेज़ प्रताड़ना कहीं तलाक का कारण ना बन जाये’

भोपाल| शिवराज सरकार (Shivraj Government) के पहले मंत्रिमंडल विस्तार (Cabinet Expansion) के बाद से ही भाजपा में विरोध का बिगुल बज गया है| कई बड़े नेता खुलकर तो कुछ नेताओं के समर्थक धरना प्रदर्शन कर मंत्रिमंडल में शामिल न करने और कांग्रेस से आये नेताओं को अधिक तवज्जो दिए जाने का विरोध कर रहे हैं| इधर, विस्तार के बाद विभागों के बंटवारे (Portfolio Distribution) में भी चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है| दिल्ली और भोपाल में माथापच्ची के बाद भी अब तक विभागों का बंटवारा नहीं हो सका | इसको लेकर जहां कांग्रेस (Congress) तंज कस रही है, वहीं भाजपा (BJP) के अंदर भी सवाल उठ रहे हैं| अब भाजपा की पूर्व विधायक पारुल साहू (Parul Sahu) की फेसबुक पोस्ट सुर्ख़ियों में है|

सागर जिले की सुरखी से विधायक रहीं पारुल साहू ने एक अखबार की कटिंग पोस्ट की है। इसमें सिंधिया द्वारा बड़े विभागों की मांग और अब तक विभागों के बंटवारे के सस्पेंस की खबर है| इसको लेकर पारुल साहू ने टिप्पणी करते हुए लिखा ‘ये राजनीतिक दहेज़ प्रताड़ना कहीं तलाक का कारण ना बन जाये, मेरा शीर्ष नेतृत्व से निवेदन है कि जननायक मुख्यमंत्री शिवराज जी के प्रति आम जन में लगाव और सम्मान को इस तरह धूमिल नहीं किया जाये. उनके अनुभव, पार्टी के प्रति निष्ठा और कार्यकर्ताओं की भावना अनुरूप कोई भी निर्णय लेने के लिये आदरणीय मुख्यमंत्री जी को पूर्ण स्वतंत्रता दी जाये’|

अजय विश्नोई भी नाराज, कहा कहीं नुकसान न हो जाए
इससे पहले मंत्री बनाये जाने से नाराज चल रहे भाजपा के दिग्गज विधायक व पूर्व मंत्री अजय विश्नोई ने बुधवार को ट्वीट करते हुए कहा कि ‘पहले मंत्रियों की संख्या और अब विभागों का बंटवारा। मुझे डर है कही भाजपा का आम कार्यकर्ता हमारे नेता की इतनी बेइज्जती से नाराज न हो जाय। नुकसान हो जाएगा’। विश्नोई इससे पहले मुख्यमंत्री शिवराज को इस सम्बन्ध में पत्र भी लिख चुके हैं|

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews