मध्य प्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग ने हाई स्कूल प्राचार्यों को प्रमोशन का तोहफा दिया है, स्कूल शिक्षा विभाग ने 557 हाई स्कूल प्राचार्यों को उच्चतर माध्यमिक विद्यालय प्राचार्य बनाया है, शासन ने पिछले दिनों 20 जुलाई को विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक की थी और उसकी अनुशंसा पर हाई स्कूल प्राचार्य को उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य पद पर पदोन्नत करने के आदेश जारी किये हैं।
राज्य शासन के आदेश के मुताबिक हाई स्कूल के प्राचार्य को उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रिंसिपल के पद पर वेतनमान रुपये 15600-39100+5400 ग्रेड-पे (म.प्र. वेतन पुनरीक्षण नियम 2017 के पे मेट्रिक्स लेवल 12) में पदोन्नत किया जाता है। आदेश में कहा गया है कि ये पदोन्नति मध्य प्रदेश सिविल सेवा (सेवा की सामान्य शर्तें) नियम 1961 के अंतर्गत दो वर्ष की परीक्षण अवधि के लिए होगी।
असहमति जताने वाले प्राचार्य की जानकारी 15 दिन में देनी होगी
स्कूल शिक्षा विभाग ने कहा है कि प्राचार्य उ.मा.वि. की वरिष्ठता आदेश का गुणानुक्रम ही पदोन्नत पद का वरिष्ठताक्रम रहेगा। संबधित प्राचार्यों को पदोन्नति के पश्चात जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में 15 दिवस की समय-सीमा में पदोन्नत पद पर कार्यभार ग्रहण करना होगा अथवा पदोन्नति पद हेतु असहमति देनी होगी। पदस्थापना की कार्यवाही पृथक से की जाएगी। पदोन्नति पद पर असहमति व्यक्त करने वाले प्राचार्यों की सूचना संबधित जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा आदेश जारी होने के दिनांक से 15 दिवस के भीतर लोक शिक्षण संचालनालय को अनिवार्य रूप से हार्ड एवं साफ्ट कापी में उपलब्ध करायी जाए।
इन निर्देशों का भी करना होगा पालन
राज्य शासन ने निर्देश दिए हैं कि जिन हाई स्कूल प्राचार्य की पदोन्नति की गई यदि उनमें से कोई प्राचार्य स्कूल शिक्षा विभाग का नहीं और निर्धारित वरिष्ठता नहीं रखता हो तो उसे पदोन्नति पद पर कार्यभार ग्रहण नहीं कराया जाये। इसकी लिखित सूचना पूर्ण तथ्यों सहित आदेश जारी होने की दिनांक से 15 दिवस के भीतर लोक शिक्षण संचालनालय को संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा दी जाये। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए जो प्राचार्य हाईस्कूल पदोन्नत हुए हैं उसी प्रवर्ग के हैं। यदि विपरित स्थिति पाई जाए तो तत्काल संचालनालय को अवगत करायें।
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