सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर निर्माण कार्य करने वालों के खिलाफ शासन प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है लेकिन फिर भी कुछ लोग ऐसी कार्रवाई से बेख़ौफ़ होकर अवैध निर्माण कर रहे हैं, ऐसी ही एक शिकायत ग्वालियर में रहने वाले एक भूतपूर्व सैनिक ने की है, नगर निगम अधिकारियों को तीन महीने पहले की गई शिकायत के बाद भी अधिकारियों ने अभी तक कोई एक्शन नहीं लिया उधर अवैध निर्माण कार्य लगातार जारी है।
ग्वालियर नगर निगम वार्ड क्रमांक 21 के इन्द्रमणि नगर में रहने वाले भूतपूर्व सैनिक सुरेश कुमार ने 9 जून 2026 को नगर निगम के क्षेत्रीय अधिकारी कार्यालय में एक शिकायती आवेदन दिया जिसमें उन्होंने उनके मकान क्रमांक 145 के सामने रहने वाले एक परिवार पर 30 फीट चौड़ी शासकीय सड़क पर अतिक्रमण करने के आरोप लगाये थे।
सरकारी सड़क अवैध रूप से लैट्रिन बाथरूम निर्माण का आरोप
सुरेश कुमार ने अपने आवेदन में कहा कि अतिक्रमण करने वाले परिवार ने सरकारी सड़क को घेर कर वहां अवैध रूप से लैट्रिन बाथरूम बना लिया है और अब सड़क पर मंदिर का निर्माण करने की प्लानिंग चल रही है, जून में दिए आवेदन को उन्होंने नियमानुसार आवक भी कराया फिर जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने 16 जुलाई को फिर आवेदन दिया, ये आवेदन उन्होंने निगम कमिश्नर की जनसुनवाई में दिया और इसका भी आवक कराया।
निगम अफसरों से कई बार मिल चुके शिकायतकर्ता भूतपूर्व सैनिक
सुरेश कुमार के भाई सुरेंद्र सिंह ने एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ को शिकायती आवेदन उपलब्ध कराने के बाद कहा कि निगम के अधिकारियों से उनके बड़े भाई सुरेश कुमार कई बार मिल चुके है, अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए निवेदन कर चुके लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही उल्टा अवैध निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
क्षेत्रीय अधिकारी ने अवैध निर्माण हटाने का दिया भरोसा
एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ ने वार्ड क्रमांक 21 के क्षेत्रीय अधिकारी सौरभ चौधरी से जब इस अवैध निर्माण की शिकायत पर सवाल किया तो उन्होंने कहा मैं इस क्षेत्र में कुछ दिन पहले ही आया हूँ लेकिन मेरे संज्ञान में ये मामला है, भूतपूर्व सैनिक सुरेश कुमार मुझसे मिले भी थे, हमें दूसरे पक्ष से निर्माण के सम्बन्ध में जरूरी दस्तावेज मांगे हैं, मैं खुद निरीक्षण करने जाऊंगा और यदि अवैध निर्माण होगा तो उसे हटाया जायेगा, उन्होंने कहा शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि शासकीय संपत्ति पर अतिक्रमण किसी हालत में स्वीकार नहीं किया जायेगा, हम जरुर एक्शन लेंगे।
ये भी अजीब बात है कि एक जिम्मेदार नागरिक होने का फर्ज समझते हुए एक भूतपूर्व सैनिक शासकीय संपत्ति पर अवैध निर्माण की शिकायत नगर निगम कमिश्नर को कर रहा है उसके बाद भी नगर निगम के अधिकारी 3 महीने तक कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहे जबकि ये मूलतः उनका ही काम है, बहरहाल अब देखना होगा कि क्षेत्रीय अधिकारी इसपर क्या एक्शन लेते हैं?







