ग्वालियर शहर के टाउन शिप विंडसर हिल्स में किराये के डुप्लेक्स को ऑफिस बनाकर ऑनलाइन सट्टा, गैम्बलिंग और बैंक खातों की खरीद-फरोख्त करने वाले नेटवर्क का साइबर क्राइम विंग ने खुलासा किया है। पुलिस ने मौके से पांच आरोपियों को हिरासत में लिया है । पुलिस ने आरोपियों के ठिकाने से 23 मोबाइल फोन, 37 सिम कार्ड, 11 एटीएम कार्ड, 3 लैपटॉप, 6 पासबुक सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं।
पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के निर्देश पर साइबर क्राइम और साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खातों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 12 सितंबर 2026 को साइबर क्राइम विंग को सूचना मिली थी कि विंडसर हिल स्थित एक किराये के डुप्लेक्स में कुछ लोग ऑफिस बनाकर ऑनलाइन सट्टा, बैंक अकाउंट की खरीद-फरोख्त और ऑनलाइन सट्टे का कारोबार कर रहे हैं। सूचना की तस्दीक के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने एक टीम गठित की गई और विंडसर हिल भेजकर दबिश दी गई।
ऑफिस बनाकर चला रहे थे ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क
पुलिस को मौके पर पांच लोग ऑफिस बनाकर ऑनलाइन सट्टा, ऑनलाइन गैम्बलिंग और बैंक खातों की खरीद-फरोख्त से जुड़ी गतिविधि संचालित करते मिले। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम सोहित करेर, दिनेश रायकवार, शांतनु श्रीवास, सुमित कुशवाह और दीपक आर्य बताए।
पुलिस ने मौके से 23 मोबाइल फोन, 37 सिम, 11 एटीएम कार्ड, 3 लैपटॉप, 6 पासबुक और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त किया है। जब्त उपकरणों की तकनीकी जांच की जा रही है।
‘100पैनल’ वेबसाइट से सट्टा खिलाने का आरोप
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर ‘100पैनल’ नामक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा खिलाने का काम कर रहे थे। आरोपियों के मोबाइल फोन से कई बैंक खातों की जानकारी भी मिली है। पुलिस इन खातों के संबंध में संबंधित बैंकों से जानकारी जुटा रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन खातों का इस्तेमाल कितने लोगों के साथ साइबर ठगी में किया गया।
हर महीने 7 से 8 करोड़ रुपये के लेन-देन का दावा
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों से जुड़े नेटवर्क में कथित तौर पर हर महीने करीब 7 से 8 करोड़ रुपये का लेन-देन होता था। इस आधार पर वार्षिक लेन-देन करीब 100 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। साइबर क्राइम विंग अब बैंक खातों में हुए संदिग्ध लेन-देन, धनराशि के स्रोत और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
दुबई और श्रीलंका के नेटवर्क से संपर्क की बात सामने आई
शुरुआती पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे व्हाट्सएप के माध्यम से दुबई और श्रीलंका से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में थे। पुलिस इस दावे की तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिले डाटा का विश्लेषण कर नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
मकान मालिक की भूमिका भी जांच के घेरे में
जिस डुप्लेक्स में ऑनलाइन सट्टा और अन्य गतिविधियां संचालित की जा रही थीं, उसके मकान मालिक की भूमिका की भी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि डुप्लेक्स में संचालित गतिविधियों की जानकारी मकान मालिक को थी या नहीं। पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ क्राइम ब्रांच ग्वालियर में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। तकनीकी जांच और बैंकिंग डाटा के विश्लेषण के आधार पर ऑनलाइन सट्टा, गैम्बलिंग, बैंक खातों की खरीद-फरोख्त और संभावित साइबर फ्रॉड नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।
ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट





