भोपाल, डेस्क रिपोर्ट। अकोदिया शाजापुर पहुँचे प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने उज्जैन में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए धर्म संग्रह करने निकले लोगो पर की गयी पत्थर बाजी के संबंध में मीडिया कर्मियों द्वारा पूछे गए सवाल पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उज्जैन एवं इंदौर में रामभक्तों पर की गयी पत्थर बाजी की घटना निंदनीय एवं असहनीय है । शर्मा ने शासन एवं प्रशासन द्वारा घटना को अंजाम देने वालो के घरों को जमीन दोज किये जाने के लिए बधाई दी ।
शर्मा ने कहा कि धार्मिक यात्राओं पर हमला करने वालो के विरुद्ध सख्ती ने निपटा जाएगा । शर्मा ने कहा कि कांग्रेस कश्मीर के पत्थरबाजो का भी समर्थन करती थी परंतु अब वहाँ भी पत्थर बाजी बंद है और मध्यप्रदेश में भी इस तरह की घटनाओं को सख्ती से निपटा जाएगा ।
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शर्मा ने कहा कि जिन धार्मिक स्थलों से बारातो-धार्मिक यात्राओं-रैलियों पर पत्थर बाजी की जाती है ऐसे स्थलों का शासन द्वारा अधिग्रहण करने के कानून पर विचार किया जाना चाहिए ।
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Gaurav Sharma पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है।