MP में 29 अप्रैल से शुरू होगी चना और मसूर की समर्थन मूल्य पर खरीदी

MP में 29 अप्रैल से शुरू होगी चना और मसूर की समर्थन मूल्य पर खरीदी

भोपाल| मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में चना (Gram) और मसूर (Lentils) की समर्थन मूल्य (support price) पर खरीदी 29 अप्रैल से शुरू होगी| मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में रबी उपार्जन कार्य एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने इसके निर्देश दिए हैं| उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी जिलों में आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जाएं। गाइड लाइन, लॉक डाउन एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए यह कार्य प्रारंभ कराया जाए।

3 लाख 72 हजार किसानों से 16 लाख 73 हजार एमटी गेहूं खरीदी
गेहूँ उपार्जन के विषय में प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि प्रदेश के सभी उपार्जन केन्द्रों पर अभी तक 3 लाख 72 हजार किसानों से 16 लाख 73 हजार एमटी गेहूं खरीदी गया है। किसानों को त्वरित भुगतान के लिए 560 करोड़ रूपये की राशि बैंकों को भिजवा दी गई है, जिसमें से 36 करोड़ रूपये किसानों के खातों में पहुंच चुके हैं।

फर्जी एसएमएस भेजने पर समिति सेवक निलंबित
बैठक में बताया गया कि श्योपुर में एक सहकारी समिति सेवक ने किसानों को फर्जी एसएमएस भेज कर उपार्जन केन्द्र पर बुलाने का एक प्रकरण सामने आया है। इससे वहाँ उपार्जन केन्द्र पर किसानों की भीड़ लगी। मामले में समिति सेवक को निलंबित कर उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

सीमित संख्या में भेजे जा रहे हैं एसएमएस
प्रमुख सचिव कृषि अजीत केसरी ने चना, मसूर की खरीदी के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इसके लिए प्रतिदिन 6-6 किसानों को एसएमएस भेजे जा रहे हैं। इससे लॉक डाउन एवं सोशल डिस्टेंसिंग के प्रोटोकाल का पालन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अधिकांश जिलों में सरसों की खरीदी भी प्रारंभ की जा रही है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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